एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को इंडियन एयर फोर्स का नया चीफ नियुक्त किया गया है. एयर मार्शल आशुतोष के पास मिराज-2000, MiG के वेरिएंट, HPT-32, An-32, एवरो, किरण, जगुआर, IL-78, हॉक और तेजस समेत कई एयरक्राफ्ट उड़ाने का बहुत अनुभव है. वह एक एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं.
अपने लगभग चार दशकों के सर्विस करियर के दौरान, वह कई ऑपरेशन और एक्सरसाइज में एक्टिव रूप से शामिल रहे हैं. वह ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक, कोप-इंडिया और ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभा चुके हैं.
क्या है उनकी उपलब्धियां?
एयर मार्शल दीक्षित को फोर्स में स्वदेशी LCA तेजस और दूसरे स्वदेशी एयरक्राफ्ट प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए जाना जाता है. उम्मीद है कि वह भारत सरकार की आत्मनिर्भरता पहल को और बढ़ावा देंगे. उन्हें 06 दिसंबर 1986 को IAF की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया था और वह नेशनल डिफेंस एकेडमी, डिफेंस स्टाफ सर्विस कॉलेज (बांग्लादेश) और नेशनल डिफेंस कॉलेज के एल्युम्नस हैं. उनके पास 3500 घंटे से ज्यादा की फ्लाइंग का अनुभव है.
उन्हें 6 दिसंबर 1991 को फ्लाइट लेफ्टिनेंट, 5 मई 2003 को विंग कमांडर, 1 मार्च 2009 को ग्रुप कैप्टन और 17 जून 2013 को एयर कमोडोर के पद पर पदोन्नत किया गया था. वह 11 जून 2019 को एयर वाइस मार्शल, 1 अक्टूबर 2022 को एयर मार्शल और 1 सितंबर 2024 को कमांडर-इन-चीफ बने.
उनके प्रशिक्षण में एक कैडेट के रूप में 69वें राष्ट्रीय रक्षा अकादमी पाठ्यक्रम और एयर कमोडोर के रूप में 57वें राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज पाठ्यक्रम शामिल हैं। प्रमुख परिचालन और परियोजना पदों पर रहे दीक्षित ने 15 दिसंबर 2003 और 15 जनवरी 2006 के बीच ग्वालियर में नंबर 9 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में कार्य किया. वह जनवरी 2018 से मई 2019 तक एयर फोर्स स्टेशन बीदर में एयर ऑफिसर कमांडिंग थे और बाद में त्रिवेंद्रम में सदर्न एयर कमांड में एयर डिफेंस कमांडर के तौर पर काम किया.
कई अवार्ड से किए जा चुके हैं सम्मानित
एयर मार्शल दीक्षित को तीन अवॉर्ड मिले हैं. ये वायु सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल हैं. उन्हें ड्यूटी के प्रति समर्पण के लिए 2006 में वायु सेना मेडल से सम्मानित किया गया था.
एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के तौर पर, एयर मार्शल दीक्षित ने इसके कायाकल्प और मिराज-2000 एयरक्राफ्ट से री-इक्विपमेंट की देखरेख की. उन्होंने फ्रांस से भारत के लिए 10 नए मिराज-2000 एयरक्राफ्ट की एक्सेप्टेंस फ्लाइट्स और फेरी में भी अहम भूमिका निभाई है.
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