अहमदाबाद विमान की फ्लाइट की जांच को लेकर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को एक विस्तृत पत्र भेजकर जांच के दायरे को और व्यापक बनाने की मांग की है. संगठन का कहना है कि हादसे के कारणों तक पहुंचने के लिए बोइंग 787 विमान के इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से जुड़े सभी तकनीकी सबूतों की गहराई से जांच जरूरी है.
मेंटेनेंस रिकॉर्ड की भी हो बारीकी से जांच
FIP ने अपने पत्र में कहा है कि जांच केवल हादसे वाले दिन की परिस्थितियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. विमान के पुराने मेंटेनेंस रिकॉर्ड, तकनीकी लॉगबुक, बार-बार सामने आई तकनीकी खराबियों, मरम्मत कार्यों और बदले गए पुर्जों की पूरी जानकारी की भी समीक्षा की जानी चाहिए. संगठन का मानना है कि इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कहीं विमान में पहले से कोई ऐसी तकनीकी समस्या तो मौजूद नहीं थी जो बार-बार सामने आ रही थी और हादसे से पहले भी सक्रिय रही हो.
बोइंग 787 के इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर खास फोकस
पायलट संगठन ने बोइंग 787 के इलेक्ट्रिकल सिस्टम की विशेष जांच की मांग की है. इसके तहत इलेक्ट्रिकल पावर जनरेशन सिस्टम, मुख्य और स्टैंडबाय पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, एवियोनिक्स, फ्लाइट मैनेजमेंट सिस्टम, फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर, डेटा कम्युनिकेशन नेटवर्क, बैटरी सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग सिस्टम और पावर कंट्रोल यूनिट की समीक्षा करने की बात कही गई है.
FIP का कहना है कि पावर सप्लाई में रुकावट, वोल्टेज में असामान्य बदलाव, डेटा ट्रांसफर में गड़बड़ी, सॉफ्टवेयर रीसेट, प्रोसेसर रीबूट, कम्युनिकेशन लॉस और गलत फॉल्ट संदेशों से जुड़े रिकॉर्ड की भी विस्तार से पड़ताल की जानी चाहिए.
फ्लाइट डेटा और रिकॉर्ड का मिलान जरूरी
संगठन ने ACARS, एयरक्राफ्ट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम, फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) से मिले डेटा को मेंटेनेंस रिकॉर्ड के साथ मिलाकर जांचने की मांग की है. FIP के अनुसार ऐसा करने से यह समझने में मदद मिलेगी कि हादसे से पहले विमान में कोई तकनीकी गड़बड़ी विकसित हो रही थी या फिर किसी विशेष फॉल्ट का पैटर्न लगातार सामने आ रहा था.
सिम्युलेटर टेस्ट पर भी उठाए सवाल
पत्र में बोइंग 787 सिम्युलेटर टेस्ट के आंकड़ों की भी जांच का अनुरोध किया गया है. संगठन ने विशेष रूप से फ्यूल सप्लाई में रुकावट, हाइड्रोलिक सिस्टम की उपलब्धता और इलेक्ट्रिकल पावर की स्थिति से जुड़े निष्कर्षों की तुलना प्रारंभिक जांच रिपोर्ट से करने की मांग की है. FIP का कहना है कि यदि दोनों में कोई अंतर है तो उसके कारणों का पता लगाया जाना चाहिए.
अंतरिम सुरक्षा सिफारिशें जारी करने की अपील
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने कहा है कि यदि जांच के दौरान ऐसी किसी तकनीकी या परिचालन संबंधी खामी का पता चलता है जो उड़ान सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है तो अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किए बिना अंतरिम सुरक्षा सिफारिशें जारी की जानी चाहिए.
संगठन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी निष्कर्ष का समर्थन करना नहीं है बल्कि तकनीकी, ऑपरेशनल, मानवीय, मेंटेनेंस और नियामकीय सभी पहलुओं की निष्पक्ष तथा वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करना है. साथ ही AAIB से पत्र को आधिकारिक जांच रिकॉर्ड का हिस्सा बनाने और जांच के दौरान सामने आने वाले महत्वपूर्ण सुरक्षा सुझावों की जानकारी साझा करने का भी अनुरोध किया गया है.
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