- अहमदाबाद के सारंगपुर में 70 साल पुरानी दस मंजिला पानी की टंकी को गिराने का काम किया गया
- टंकी को गिराने के लिए आठ टन वजन वाली जेसीबी मशीन को पानी की टंकी पर चढ़ाया गया था
- टंकी की जर्जर हालत को देखते हुए इसे अगस्त 2025 में असुरक्षित घोषित किया गया था
गुजरात के अहमदाबाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें एक 10 मंजिला ऊंची पानी की टंकी के ऊपर जेसीबी खड़ी है. दरअसल इतनी ऊंची पानी के टंकी पर बुलडोजर एक्शन हो रहा है कि लोग देखकर ही हैराना हैं. इतनी ऊंचाई पर बुलडोजर देखकर लोग कह रहे हैं कि चढ़ तो गया अब उतरेगा कैसे?. बता दें कि ये पानी की टंकी 70 साल से भी ज्यादा पुरानी है. इसे 1950 के दशक में बनाया गया था. गुरुवार को इसे गिरा दिया गया. अब खंभे गिराने का काम चल रहा है.
10 मंजिला ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ा बुलडोजर
70 साल बाद इस पानी की टंकी को तोड़ना बहुत ही चुनौतीपूर्ण था. इसे तोड़ने के लिए इसके ऊपर करीब 8 टन की जेसीबी मशीन चढ़ाई गई. सोशल मीडिया यूजर्स तो ये भी कह रहे हैं कि ज़रा सोचिए, पुराने भारत में बुनियादी ढांचा कितना मज़बूत और टिकाऊ हुआ करता था. वहीं कई लोग जेसीबी ड्राइवर की स्किल्स और हिम्मत और रिस्क लेने की क्षमता की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं.
This water tank was built in the 1950s and after 70 years, a 8-ton JCB was placed on top to break it down.
— 🚨Indian Gems (@IndianGems_) January 16, 2026
Just imagine how strong and durable the infrastructure used to be in old India 😭pic.twitter.com/jzKIbLtP1K
भारी-भरकम क्रेन और जेसीबी मशीन से गिराई गई टंकी
बता दें कि 70 साल पुरानी पानी की यह टंकी अहमदाबाद के पुराने इलाके सारंगपुर में मौजूद थी. पानी के ओवरहेड टैंक को गुरुवार को गिरा दिया गया. टंकी की जर्जर हालत को देखते हुए अगस्त 2025 में इसे असुरक्षित घोषित कर दिया गया था. टंकी को भारी-भरकम क्रेन और जेसीबी मशीन की मदद से उठाया गया.
द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, 200 टन क्षमता वाली क्रेन ने जेसीबी मशीन को रात भर पानी की टंकी पर चलाया. टंकी को लगभग तोड़ा जा चुका है. अगले दो दिनों में खंभे भी तोड़ दिए जाएंगे. ये जानकारी उप नगर आयुक्त राम्या भट्ट के हवाले से सामने आई है.
खंभा तोड़कर क्यों नहीं गिराई गई 70 साल पुरानी टंकी
उन्होंने बताया कि इस टंकी से पानी की आपूर्ति अक्टूबर महीने में ही बंद कर दी गई थी. जिसके बाद नगर निगम ने वैकल्पिक पानी आपूर्ति का अरेंजमेंट किया था. वैसे तो जर्जर ओवरहेड पानी की टंकियां खंभा तोड़कर गिराई जाती हैं, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ, क्यों कि टंकी के तीनों ओर सड़क है. जानकारी के मुताबिक, इस मौजूदा टंकी के पीछे एक नई ओवरहेड पानी की टंकी बनाई जाएगी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं