अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एएसईएल) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है.एएसईएल ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए एक करोड़ स्मार्ट बिजली मीटर लगाए हैं. यह कारनामा करने वाली एएसईएल भारत और शायद दुनिया की पहली कंपनी है.एएसईएल ने यह लक्ष्य तय समय से काफी पहले ही हासिल कर लिया है. कंपनी ने एक करोड़ स्मार्ट
मीटर लगाने के लिए मार्च 2026 तक का लक्ष्य रखा था. कंपनी का अनुमान है कि अगले एक करोड़ स्मार्ट मीटर वित्त वर्ष 2027 तक लग जाएंगे.
एएसईएल को कितने राज्यों में लगाने हैं बिजली के स्मार्ट मीटर
भारत की प्रमुख एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस प्रोवाइडर होने की वजह से एएसईएल पांच राज्यों में कुल 2.5 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का काम मिला है. कंपनी के मुताबिक प्रतिदिन करीब 25 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं. यह इस सेक्टर की सबसे तेज रफ्तार मानी जा रही है.
एएसईएल के सीईओ कंदर्प पटेल ने बताया, ''एक करोड़ स्मार्ट मीटर का लक्ष्य हासिल करना हमारी बेहतरीन कार्य क्षमता और बिजली वितरण कंपनियों और उपभोक्ताओं के साथ गहरे सहयोग का प्रमाण है.'' उन्होंने कहा,''ये स्मार्ट मीटर सिर्फ उपकरण नहीं हैं, बल्कि उपभोक्ताओं को रियल-टाइम बिजली खपत की जानकारी देने, ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाने, बिजली का नुकसान कम करने और ऊर्जा के बेहतर प्रबंधन में मदद करने वाले साधन हैं. हम भारत के डिजिटल ऊर्जा परिवर्तन में अहम भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.''
बिजली के स्मार्ट मीटर कितने फायदेमंद हैं
एएसईएल यह उपलब्धि तय लक्ष्य से काफी पहले हासिल कर ली है. एएसईएल ने मार्च 2026 तक एक करोड़ मीटर लगाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन उससे पहले ही उसने यह मुकाम हासिल कर लिया है. यह बिजली वितरण क्षेत्र में डिजिटल बदलाव लाने और ग्रिड को आधुनिक बनाने के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दिखाता है. यह प्रयास भारत सरकार की संशोधित वितरण क्षेत्र योजना के तहत देशभर में स्मार्ट मीटर लगाने के अभियान को भी मजबूत करता है.
एएसईएल का स्मार्ट मीटर नेटवर्क उपभोक्ताओं को रियल-टाइम जानकारी देता है, बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ाता है और बिजली वितरण कंपनियों के कामकाज को बेहतर बनाता है. अदाणी समूह की इस कंपनी ने अलग-अलग इकाइयों के साथ मिलकर काम किया है. इसमें अदाणी एसयासॉफ्ट स्मार्ट सॉल्यूशंस, अदाणी कॉननेक्स (लोकल डेटा होस्टिंग के लिए) और बड़े मीटर निर्माताओं के साथ साझेदारी शामिल है.
एएसईएल ने 2024 में स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत की थी. उसने करीब 24 महीनों में ही यह बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है. इसे देश में सबसे तेज रफ्तार से मीटर लगाने का काम माना जा रहा है.भारत सरकार की योजना के तहत देश में 25 करोड़ पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदलने का लक्ष्य रखा गया है. इसका मकसद बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाना है.
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