- हिरासत के दौरान दीपके ने आरोप लगाया था कि उन्हें दादी के निधन के बाद भी फोन करने नहीं दिया गया.
- अब सामने आए वीडियो में पुलिस दीपके को परिवार से बात कराने और घर भेजने की व्यवस्था करने की बात कही थी.
- दिल्ली पुलिस की DCP PRO ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके के आरोपों को गलत बताते हुए स्थिति स्पष्ट की है.
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें दादी के निधन के बाद भी न फोन करने दिया, न वकील से बात करने दी. अब दिल्ली पुलिस ने वो वीडियो जारी किया है, जिसमें दीपके को उनकी दादी के निधन के बारे में बताया जा रहा है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि दीपके एक बेंच पर बैठे हैं. एक लेडी पुलिस अधिकारी आकर उन्हें यह बताती है कि आपकी दादी का निधन हो गया है. जैसे ही दीपके को दादी के निधन के बारे में बताया गया, वो भावुक हुए. फिर पुलिस का एक दूसरा अधिकारी उन्हें पानी बोतल देता है.
नंबर दीजिए, हम आपकी फैमिली से करवाएंगेः दिल्ली पुलिस
वीडियो में पुलिस के अधिकारी यह कहते सुनाई पड़ रहे हैं कि यदि आप अपने घर में किसी से बात करना चाहते हैं, तो नंबर बताइए, हम आपकी बात करा देंगे. अगर आप अपनी फैमिली से बात करना चाहते हैं तो नंबर नोट कर दे दीजिए, हम आपकी बात करा देंगे. इस पर दीपके कहते हैं कि नंबर तो मुझे याद नहीं है, मेरा मोबाइल दे दीजिए, उसी में मेरे कजिन का नंबर है. दिल्ली पुलिस के जवान यह भी कहते दिख रहे कि यदि आप घर जाना चाहते हैं तो ट्रेन, बस, फ्लाइट जैसे जाना चाहे, उसकी व्यवस्था हम करवा देंगे. लेकिन इसपर दीपके कहते हैं कि मैं यहीं रुक रहा हूं.
फ्लाइट से ही डिटेन किए गए थे दीपके
मालूम हो कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाए गए प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे अभिजीत दीपके को पुलिस ने फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया था. वो पुलिस हिरासत में थे, इसी बीच उनकी दादी का निधन हो गया.
When claims and reality differ, let the facts do the talking. #FactCheck #Truth #DPUpdates https://t.co/oiiDC6Pqht
— Delhi Police (@DelhiPolice) October 11, 2026
दीपके ने कहा था- दादी के निधन के बाद भी फोन नहीं करने दिया
हिरासत से बरी किए जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए दीपके ने कहा था, हिरासत के दौरान दिल्ली पुलिस ने मुझे बताया कि मेरी दादी की मौत हो गई है. फिर मैंने दिल्ली पुलिस से कहा कि मुझे अपने कज़िन को कॉल करने दें जो गांव में रहते हैं; मैंने उनसे सिर्फ़ दो मिनट के लिए मेरा फोन लाने को कहा. दीपके ने आरोप लगाया था कि मेरी दादी की मौत की खबर बताई लेकिन घर फोन नहीं करने दिया.
हिरासत से निकलने के बाद अभिजीत दीपके ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि "दिल्ली पुलिस आई और मुझे बताया कि मेरी दादी का निधन हो गया है. फिर मैंने दिल्ली पुलिस से कहा कि मुझे गांव में रहने वाले अपने कज़िन को फ़ोन करने दिया जाए; मैंने उनसे सिर्फ़ दो मिनट के लिए मेरा फ़ोन लाने का अनुरोध किया. उन्होंने मना कर दिया, यह कहते हुए कि वे फ़ोन नहीं ला सकते और मुझसे नंबर देने को कहा."
#WATCH | Nagpur | Cockroach Janta Party (CJP) Founder Abhijeet Dipke says, "The Delhi Police came and told me that my grandmother had died. I then asked the Delhi Police to let me call my cousin who lives in the village; I requested them to bring my phone for just two minutes. They refused, saying they couldn't bring the phone and asked me to provide the number instead. I told them I didn't remember the number by heart and asked them to just hand me the phone for two minutes so I could retrieve the number and give it to them. Even then, they did not give me the phone. By law, I have the right to call my lawyer as well. The Delhi Police did not allow that either; they wouldn't let me call my lawyer. I needed to call my cousin—who lived with my grandmother in the village—to ask what had happened and how. The Delhi Police still refused to give me the phone. What do you make of that? They still wouldn't let me make the call. At 3:30 AM, the Delhi Police came and told me to call my parents and inform them that I had been arrested. What was the intention behind this? Waking me up at 3:30 AM and telling me to call my parents—waking them up too—to tell them I was under arrest? I asked them why they hadn't informed my parents all day that I had been arrested or where I was being held. Why didn't you tell them during the day? Why are you telling me this at 3:30 AM? Why not wait until morning? They insisted it was a legal procedure. What kind of legal procedure requires calling someone's parents at 3:30 AM to inform them that their son has been arrested? My grandmother had just passed away due to health issues; my parents were already in a state of shock. On top of that, these Delhi Police goons and brutes wanted me to call my parents at 3:30 AM and shock them with the news that I had been arrested. They have no humanity—absolutely none. They are goons in uniform—thugs wearing the uniform—and Amit Shah has turned them into such hooligans...I haven't signed any bond. We will take to the streets again; we will not be intimidated by people like Amit Shah and Modi. Throw us in jail not just once, but a hundred times—we do not fear your dictatorship. We will put an end to your dictatorship"
— ANI (@ANI) October 11, 2026
दीपके ने आगे कहा कि मैंने उनसे कहा कि मुझे नंबर याद नहीं है और उनसे सिर्फ़ दो मिनट के लिए फ़ोन देने को कहा ताकि मैं नंबर निकाल सकूं और उन्हें दे सकूं. तब भी, उन्होंने मुझे फ़ोन नहीं दिया. कानून के अनुसार, मुझे अपने वकील को फ़ोन करने का भी अधिकार है. दिल्ली पुलिस ने इसकी भी इजाज़त नहीं दी; उन्होंने मुझे अपने वकील को फ़ोन नहीं करने दिया.
दीपके ने आगे कहा कि मुझे अपने कज़िन को फ़ोन करने की ज़रूरत थी. जो गांव में मेरी दादी के साथ रहते हैं. यह पूछने के लिए कि क्या हुआ और कैसे हुआ. दिल्ली पुलिस ने फिर भी मुझे फ़ोन देने से मना कर दिया. आप इसके बारे में क्या सोचते हैं? उन्होंने फिर भी मुझे कॉल नहीं करने दिया.
DCP बोलीं- दीपके का आरोप गलत
अब दिल्ली पुलिस ने वीडियो जारी कर उस समय पूरी स्थिति साफ की है. साथ ही दिल्ली पुलिस की DCP PRO नेहा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया की CJP ने गलत आरोप लगाया कि दादी के निधन होने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने दीपके को घर पर बात नहीं करने दी और परेशान किया.
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