उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ने 6 सांसदों की बगावत के बारे में एक सवाल पूछे जाने पर ओम बिरला की मिमिक्री करते हुए तंज कसा है. उनसे पूछा गया कि आपके सांसदों ने स्पीकर से इस मामले में मुलाकात की है, क्या आप न्याय की उम्मीद करते हैं? इस पर आदित्य ने तंज कसते हुए कहा, 'नौ.. नौ.. नौ.. सदन की गरिमा रखिए.' इसके अलावा उन्होंने पासपोर्ट को नागरिकता का दस्तावेज न मानने पर भी टिप्पणी की. यह आदेश पुराना ही है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने इसे फिर से स्पष्ट किया है. आदित्य ने पासपोर्ट वाली बात को लेकर कहा कि उस पर तो राष्ट्रपति के साइन होते हैं.
उन्होंने कहा कि यदि यह भी नागरिकता का प्रमाण नहीं है तो फिर क्या ज्ञानेश कुमार के साथ फोटो खिंचाकर राष्ट्रीयता को साबित किया जाएगा. इसके अलावा महाविकास अघाड़ी के विधायकों की बैठक से 23 के गायब रहने पर भी आदित्य ठाकरे ने बात की. उन्होंने कहा कि हमारे विधायक आज मौजूद हैं. कल कुछ विधायक नहीं आए थे। कुछ लोग हमारी मीटिंग में थे. उन्होंने अपने कारण बताए हैं कि आखिर मीटिंग में क्यों नहीं आ सके थे. कुछ विधायकों ने बताया कि वे उद्धव ठाकरे के दौरे के लिए प्लान कर रहे थे. हमें लगता है कि शरद पवार बिजी थे और इसीलिए वह मीटिंग में नहीं आ सके थे.
वहीं महाविकास अघाड़ी को एकजुट रखने की रणनीति पर पूछा गया तो आदित्य ठाकरे ने कहा कि हम अपनी स्ट्रेटेजी यहां क्यों बताएं. बता दें कि कल हुई मीटिंग में शरद पवार और 23 विधायक नहीं पहुंचे थे तो उद्धव ने इस पर दुख जताया था. इस मीटिंग में उद्धव गुट के भी 6 विधायक नहीं थे, जबकि विधानसभा में उनके कुल 20 ही सदस्य हैं. बता दें कि इस बैठक में 60 में से 37 विधायक मौजूद रहे, जबकि जयंत पाटील समेत 23 विधायक नहीं दिखे, शरद पवार और जयंत पाटिल का निजी कारणों से शामिल नहीं होने की बात कही गई.
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जब दुखी उद्धव ने पूछा- क्या वास्तव में हम लोगों के बीच एकता है
महाविकास अघाड़ी की बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि , 'जो लोग पार्टी छोड़कर चले गए हैं, उन्हें जाने दें. अब हमारा मुख्य ध्यान उन लोगों पर होना चाहिए जो हमारे साथ हैं और राज्य में महाविकास अघाड़ी को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए.' उन्होंने कहा कि, 'महाविकास अघाड़ी के रूप में हम राज्य में एक बड़ी ताकत हैं. हमें आपस में समन्वय बनाए रखना होगा और भविष्य में तीनों पार्टियां मिलकर संयुक्त सभाएं, रैलियां करेंगी.'
पार्टी के 6 सांसदों के अलग होने बगावत के बाद उद्धव ठाकरे ने अघाड़ी की एकजुटता को लेकर चिंता व्यक्त की. उन्होंने पूछा, 'हम कहते हैं कि हम एक साथ हैं, लेकिन क्या हम वास्तव में एक साथ हैं? क्या हम सदन में महाविकास अघाड़ी के रूप में एकजुट हैं? क्या हम एक साथ मिलकर मुद्दे उठाते हैं?'
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