झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) परीक्षा में धांधली के आरोप और छात्रों के प्रदर्शन के बीच आयोग के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा दे दिया है. आयोग के तीन सदस्यों डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सभी ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया है.
इसके बाद राज्यभवन की ओर से इनका इस्तीफा मंजूर कर दिया गया है.
Governor Santosh Kumar Gangwar has accepted the resignations submitted by Ajita Bhattacharya, Anima Hansda, and Jamal Ahmed from their posts as members of the Jharkhand Public Service Commission, in light of the recommendation made by the State Government: Lok Bhavan, Jharkhand pic.twitter.com/vXK0yzXh3J
— ANI (@ANI) August 9, 2026
ये इस्तीफा तब दिया गया है जब राज्य में सरकारी भर्ती परीक्षाओं (खासकर JPSC और JSSC) में कथित गड़बड़ियों, धांधली और पारदर्शिता को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्या कहा?
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने छात्रों से कहा है कि मसला बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है. उन्होंने कहा, "आज, जैसे-जैसे यह सरकार मजबूत हो रही है, कई लोग ऐसे हैं जो इसे मान नहीं पा रहे हैं. वे अपना चेहरा छिपाने, अपना भेष बदलने या पर्दे के पीछे से गलत जानकारी फैलाने और दूसरों को गुमराह करने का सहारा ले रहे हैं. हर मसले का हल बातचीत में है, लाठी या गोली के इस्तेमाल में नहीं."
सीएम हेमंत ने कहा, "लाठी और गोली बॉर्डर के लिए हैं, दुश्मनों से निपटने के लिए, देश के दुश्मनों से निपटने के लिए हैं. अपने ही लोगों के खिलाफ, अपने ही घर में ताकत का इस्तेमाल करने से कुछ हल नहीं होता. आपकी (युवाओं की) भावनाएं और आपकी चिंताएं हमारी चिंताएं हैं. आज इस संवैधानिक पद पर बैठकर, मैं आपको पूरा भरोसा दिलाता हूं कि न्याय पारदर्शिता के साथ दिया जाएगा और हम यह पक्का करेंगे कि यह न्याय साफ दिखे."
#WATCH | Ranchi, Jharkhand: JPSC-JSCC aspirants' protest | After meeting with representatives of the government, Ravindra Paswan, a student leader says, "This was the second round of talks with the government delegation. Regarding the specifics—specifically the 14th JPSC, JPSC… pic.twitter.com/cT3aB3FSnO
— ANI (@ANI) August 9, 2026
छात्र क्या कह रहे हैं?
JPSC-JSCC लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच छात्रों का प्रतिनिधिमंडल राज्य सरकार से बातचीत के क्रम में है. इस दौरान सरकार के प्रतिनिधियों से मिलने के बाद स्टूडेंट लीडर रवींद्र पासवान ने कहा, "यह सरकारी डेलीगेशन के साथ बातचीत का दूसरा राउंड था. खास तौर पर 14वीं JPSC, JPSC बैकलॉग 2023, और JPSC बैकलॉग 2025 एग्जाम के बारे में, सरकार ने तीनों को कैंसिल करने पर विचार करने का फैसला किया है. इसके अलावा, सरकार ने TDPL एजेंसी द्वारा किए गए सभी एग्जाम की CID और ED जांच का प्रस्ताव दिया है.
रवींद्र पासवान ने कहा, "सरकार ने सुधारों से जुड़ी हमारी लगभग सभी मांगें मान ली हैं, सिवाय एक-दो मुद्दों के—जैसे उम्र में छूट, जिस पर कोई सहमति नहीं बन पाई। CGL एग्जाम के बारे में, स्टूडेंट्स ने CBI जांच की मांग की थी; हालांकि, सरकार इस पर सहमत नहीं हुई। इसके बजाय, सरकार ने कहा कि एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में ज्यूडिशियल जांच की जाएगी, और अगर फाइनेंशियल गड़बड़ियां पाई जाती हैं, तो ED भी शामिल होगा। फिर भी, हम स्टूडेंट्स CBI जांच की मांग कर रहे हैं. आंदोलन जारी रहेगा; आंदोलन अभी भी चल रहा है."
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