विज्ञापन

14वीं JPSC PT विवाद के बीच आयोग के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा

JPSC परीक्षा में धांधली के आरोप के बीच आयोग के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया. इसके बाद राज्यभवन की ओर से इनका इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है.

14वीं JPSC PT विवाद के बीच आयोग के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा
छात्र परीक्षा में कथित धांधली को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
IANS

झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) परीक्षा में धांधली के आरोप और छात्रों के प्रदर्शन के बीच आयोग के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा दे दिया है. आयोग के तीन सदस्यों डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.  सभी ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया है. 

इसके बाद राज्यभवन की ओर से इनका इस्तीफा मंजूर कर दिया गया है.

ये इस्तीफा तब दिया गया है जब राज्य में सरकारी भर्ती परीक्षाओं (खासकर JPSC और JSSC) में कथित गड़बड़ियों, धांधली और पारदर्शिता को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्या कहा?

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने छात्रों से कहा है कि मसला बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है. उन्होंने कहा, "आज, जैसे-जैसे यह सरकार मजबूत हो रही है, कई लोग ऐसे हैं जो इसे मान नहीं पा रहे हैं. वे अपना चेहरा छिपाने, अपना भेष बदलने या पर्दे के पीछे से गलत जानकारी फैलाने और दूसरों को गुमराह करने का सहारा ले रहे हैं. हर मसले का हल बातचीत में है, लाठी या गोली के इस्तेमाल में नहीं."

सीएम हेमंत ने कहा, "लाठी और गोली बॉर्डर के लिए हैं, दुश्मनों से निपटने के लिए, देश के दुश्मनों से निपटने के लिए हैं. अपने ही लोगों के खिलाफ, अपने ही घर में ताकत का इस्तेमाल करने से कुछ हल नहीं होता. आपकी (युवाओं की) भावनाएं और आपकी चिंताएं हमारी चिंताएं हैं. आज इस संवैधानिक पद पर बैठकर, मैं आपको पूरा भरोसा दिलाता हूं कि न्याय पारदर्शिता के साथ दिया जाएगा और हम यह पक्का करेंगे कि यह न्याय साफ दिखे."

छात्र क्या कह रहे हैं?

JPSC-JSCC लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच छात्रों का प्रतिनिधिमंडल राज्य सरकार से बातचीत के क्रम में है. इस दौरान सरकार के प्रतिनिधियों से मिलने के बाद स्टूडेंट लीडर रवींद्र पासवान ने कहा, "यह सरकारी डेलीगेशन के साथ बातचीत का दूसरा राउंड था. खास तौर पर 14वीं JPSC, JPSC बैकलॉग 2023, और JPSC बैकलॉग 2025 एग्जाम के बारे में, सरकार ने तीनों को कैंसिल करने पर विचार करने का फैसला किया है. इसके अलावा, सरकार ने TDPL एजेंसी द्वारा किए गए सभी एग्जाम की CID और ED जांच का प्रस्ताव दिया है. 

रवींद्र पासवान ने कहा, "सरकार ने सुधारों से जुड़ी हमारी लगभग सभी मांगें मान ली हैं, सिवाय एक-दो मुद्दों के—जैसे उम्र में छूट, जिस पर कोई सहमति नहीं बन पाई। CGL एग्जाम के बारे में, स्टूडेंट्स ने CBI जांच की मांग की थी; हालांकि, सरकार इस पर सहमत नहीं हुई। इसके बजाय, सरकार ने कहा कि एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में ज्यूडिशियल जांच की जाएगी, और अगर फाइनेंशियल गड़बड़ियां पाई जाती हैं, तो ED भी शामिल होगा। फिर भी, हम स्टूडेंट्स CBI जांच की मांग कर रहे हैं. आंदोलन जारी रहेगा; आंदोलन अभी भी चल रहा है."

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com