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This Article is From Jul 17, 2011

ग्रोवर हत्याकांड : जेरोम ने हाईकोर्ट में दी फैसले को चुनौती

10 साल की कैद की सजा सुनाए जाने के एक पखवाड़े बाद एमिले जेरोम ने खुद को दोषी ठहराये जाने के फैसले को बंबई हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
Mumbai: नीरज ग्रोवर हत्याकांड में 10 साल की कैद की सजा सुनाए जाने के एक पखवाड़े बाद पूर्व नौसेनिक एमिले जेरोम ने खुद को दोषी ठहराये जाने के फैसले को बंबई हाईकोर्ट में चुनौती दी है और अपराध के लिए कन्नड़ अभिनेत्री मारिया सुसैयराज को जिम्मेदार ठहराया है। जेरोम के वकील वहाब खान ने कहा, हमने सत्र अदालत के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। अपील पर जेरोम की जमानत अर्जी के साथ 25 जुलाई को सुनवाई होगी। सत्र अदालत ने 1 जुलाई को जेरोम को गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया था और 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि मामले में सह-आरोपी और जेरोम की मंगेतर सुसैयराज को केवल साक्ष्यों को नष्ट करने के मामले में दोषी ठहराया गया और तीन साल कैद की सजा सुनाई गई। सुसैयराज को फैसले के दो दिन बाद जेल से रिहा कर दिया गया, क्योंकि वह पहले ही सजा की अवधि जेल में काट चुकी थी। जेरोम ने सुसैयराज को जिम्मेदार ठहराते हुए अपनी अपील में कहा, अपराध के लिहाज से इस तरह का मकसद, यदि कोई था, तो आरोपी नंबर एक (सुसयराज) का था, ना कि आवेदक (जेरोम) का। अपील में यह भी कहा गया है कि अभियोजन पक्ष ग्रोवर की मौत के समय का पता नहीं लगा सका और इसके चलते इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि जेरोम के मुंबई पहुंचने से पहले ही ग्रोवर मारा जा चुका हो। याचिका में आरोप है कि जांच एजेंसी (अपराध शाखा) ने चाकू और शव को जलाने के लिहाज से केरोसीन लाने के लिए प्लास्टिक की केन जैसे साक्ष्य रखे थे।
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Bhasha
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