
नारायण साईं की फाइल तस्वीर
इंदौर:
नाबालिग लड़की के यौन शोषण मामले में आसाराम को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजे जाने के बाद उनके बेटे नारायण सांई नए विवाद में घिर गए हैं।
इंदौर निवासी 37-वर्षीय एक महिला ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए नारायण पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने एक शादीशुदा शिष्य को तलाकशुदा बताकर धोखाधड़ी से उसकी शादी कराई और बाद में उसके साथ अश्लील हरकतें भी कीं।
महिला के वकील एनए शेख ने संवाददाताओं को बताया कि उनकी मुवक्किल ने प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीति जैन के सामने नारायण, अपने पति और चार अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 420, 493, 494, 495, 506 और 120 बी के तहत शिकायत पेश की। शेख ने बताया कि महिला ने मामले में पुलिस जांच की गुहार करते हुए अदालत में अलग आवेदन पेश किया है। इस आवेदन पर बहस के लिए 20 सितंबर की तारीख तय की गई है।
फिलहाल मायके में रह रही महिला ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि नारायण ने उससे यह झूठ बोलते हुए 10 दिसंबर, 2004 को इंदौर में उसकी शादी करा दी कि उनका शिष्य तलाकशुदा है। याचिकाकर्ता के मुताबिक वह और उसका परिवार आसाराम और उनके बेटे नारायण का भक्त है, इसलिये उसने नारायण की बात पर आंखें मूंदकर भरोसा किया और शादी कर ली। इस शादी में कथित तौर पर खुद नारायण ने धार्मिक विधियां सम्पन्न कराईं। महिला ने दावा किया कि उसे बाद में पता चला कि उसके पति का अपनी पहली पत्नी से तलाक नहीं हुआ था।
याचिकाकर्ता ने कहा कि उसके पति ने शादी के बाद कथित तौर पर करीब चार लाख रुपये के दहेज की मांग करते हुए उसके साथ मारपीट की। उसने यह आरोप भी लगाया कि जब वह गर्भवती हुई, तो उसके पति और ससुरालियों ने उस पर गर्भपात का दबाव भी डाला। महिला ने याचिका में कहा कि पूरी हकीकत जानने के बाद उसने नजदीकी कस्बे महू में 29 जनवरी, 2005 को नारायण से मिलकर शिकायत की, तो उन्होंने उसे गंभीर नतीजे भुगतने की धमकियां दीं। इसके साथ ही, उसे अपने पास बैठाकर उसके साथ अश्लील हरकतें भी कीं।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि नारायण ने जून, 2005 में उसके छोटे भाई को फोन करके बोला कि वह अपनी बहन को गर्भपात कराने के लिए कहे। महिला ने दावा किया कि नारायण के कथित प्रभाव, डर और धमकी के कारण उसने गुजरे बरसों में उनके खिलाफ रिपोर्ट नहीं की।
इंदौर निवासी 37-वर्षीय एक महिला ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए नारायण पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने एक शादीशुदा शिष्य को तलाकशुदा बताकर धोखाधड़ी से उसकी शादी कराई और बाद में उसके साथ अश्लील हरकतें भी कीं।
महिला के वकील एनए शेख ने संवाददाताओं को बताया कि उनकी मुवक्किल ने प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीति जैन के सामने नारायण, अपने पति और चार अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 420, 493, 494, 495, 506 और 120 बी के तहत शिकायत पेश की। शेख ने बताया कि महिला ने मामले में पुलिस जांच की गुहार करते हुए अदालत में अलग आवेदन पेश किया है। इस आवेदन पर बहस के लिए 20 सितंबर की तारीख तय की गई है।
फिलहाल मायके में रह रही महिला ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि नारायण ने उससे यह झूठ बोलते हुए 10 दिसंबर, 2004 को इंदौर में उसकी शादी करा दी कि उनका शिष्य तलाकशुदा है। याचिकाकर्ता के मुताबिक वह और उसका परिवार आसाराम और उनके बेटे नारायण का भक्त है, इसलिये उसने नारायण की बात पर आंखें मूंदकर भरोसा किया और शादी कर ली। इस शादी में कथित तौर पर खुद नारायण ने धार्मिक विधियां सम्पन्न कराईं। महिला ने दावा किया कि उसे बाद में पता चला कि उसके पति का अपनी पहली पत्नी से तलाक नहीं हुआ था।
याचिकाकर्ता ने कहा कि उसके पति ने शादी के बाद कथित तौर पर करीब चार लाख रुपये के दहेज की मांग करते हुए उसके साथ मारपीट की। उसने यह आरोप भी लगाया कि जब वह गर्भवती हुई, तो उसके पति और ससुरालियों ने उस पर गर्भपात का दबाव भी डाला। महिला ने याचिका में कहा कि पूरी हकीकत जानने के बाद उसने नजदीकी कस्बे महू में 29 जनवरी, 2005 को नारायण से मिलकर शिकायत की, तो उन्होंने उसे गंभीर नतीजे भुगतने की धमकियां दीं। इसके साथ ही, उसे अपने पास बैठाकर उसके साथ अश्लील हरकतें भी कीं।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि नारायण ने जून, 2005 में उसके छोटे भाई को फोन करके बोला कि वह अपनी बहन को गर्भपात कराने के लिए कहे। महिला ने दावा किया कि नारायण के कथित प्रभाव, डर और धमकी के कारण उसने गुजरे बरसों में उनके खिलाफ रिपोर्ट नहीं की।
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