
एक बार फिर से राज्य की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वह 'सुशासन' के काम को आगे बढ़ाएंगे, जिसका रोडमैप उन्होंने तैयार किया था और साथ ही पिछले कुछ महीनों में इसे हुए 'नुकसान' की भरपाई भी करेंगे।
नीतीश ने दावा किया, मेरी प्राथमिकता वही रहेगी, सुशासन को आगे बढ़ाना, जिसका रोडमैप मैंने तैयार किया था। पिछले कुछ महीनों में सुशासन को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी मरम्मत करने के लिए मैं ओवरटाइम करूंगा।
नौ महीने के अंतराल के बाद चौथी बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में नीतीश कुमार ने कहा, सुशासन के काम में क्षरण हुआ है, उसकी भरपाई करनी होगी, दोगुनी मेहनत करके। अपने पूर्ववर्ती जीतन राम मांझी के शासनकाल पर परोक्ष हमला करते हुए यह बात कही।
नीतीश ने कहा कि वह मांझी सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की समीक्षा करेंगे, जो उनके तैयार किए गए रोडमैप के अनुसार नहीं थे और यह देखने के बाद कि सही प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं, एक 'उचित निर्णय' लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, मैं किसी पूर्वाग्रह या पूर्व धारणा के बिना काम करूंगा और उद्देश्यपरक तरीके से प्रशासनिक फैसले लूंगा।
हालांकि उन्होंने संकेत दिए कि उनके खिलाफ बगावत करने वाले मांझी तथा अन्य के लिए पार्टी में लौटने की कोई संभावना नहीं है। बिहार जेडीयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह की मौजूदगी में नीतीश ने कहा, उन्हें पार्टी ने और यहां तक कि जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने भरपूर मौका दिया और इन मुद्दों पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है।
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