
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने डेरा सच्चा सौदा हिंसा के मद्देनजर विपक्ष की इस्तीफे की मांग ठुकरा दी.
नई दिल्ली:
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने डेरा सच्चा सौदा हिंसा के मद्देनजर विपक्ष की उनके इस्तीफे की मांग को बुधवार को ठुकरा दिया. खट्टर ने कहा कि उनकी सरकार ने हालात पर सही तरीके से प्रतिक्रिया दी. खट्टर ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा, "हमने अदालत के आदेश के क्रियान्वयन के लिए संयम के साथ काम किया और हम अपने उद्देश्य को हासिल करने में सफल रहे."
मुख्यमंत्री पद से उनके इस्तीफे की विपक्ष की मांग पर उन्होंने कहा, "इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे क्या कह रहे हैं. हम अपनी कार्रवाइयों से संतुष्ट हैं. हमने जो भी किया, सही किया. अब हरियाणा में शांति है."
यह भी पढ़ें : हरियाणा हिंसा पर राज्य सरकार ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट, अधिकारियों की चूक का कोई जिक्र नहीं
खट्टर ने हिंसा पर एक रिपोर्ट शाह को दी. यह हिंसा 25 अगस्त को पंचकूला की सीबीआई अदालत द्वारा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दुष्कर्म का दोषी करार दिए जाने के बाद भड़की थी. गुरमीत को अपने डेरे की दो साध्वियों के साथ दुष्कर्म करने व आपराधिक धमकी देने का दोषी पाया गया था. इस हिंसा में करीब 38 लोगों की मौत हो गई थी और 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. हिंसा हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान व दिल्ली में भी हुई.
VIDEO : हरियाणा और पंजाब में हिंसा
हालात से निपटने में असफल रहने के कारण खट्टर सरकार को चौतरफा आलोचना झेलनी पड़ी और उन पर कथित तौर पर डेरा समर्थकों को पंचकूला में हजारों की संख्या में जुटने में ढील देने का आरोप लगा.
( इनपुट आईएएनएस से)
मुख्यमंत्री पद से उनके इस्तीफे की विपक्ष की मांग पर उन्होंने कहा, "इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे क्या कह रहे हैं. हम अपनी कार्रवाइयों से संतुष्ट हैं. हमने जो भी किया, सही किया. अब हरियाणा में शांति है."
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खट्टर ने हिंसा पर एक रिपोर्ट शाह को दी. यह हिंसा 25 अगस्त को पंचकूला की सीबीआई अदालत द्वारा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दुष्कर्म का दोषी करार दिए जाने के बाद भड़की थी. गुरमीत को अपने डेरे की दो साध्वियों के साथ दुष्कर्म करने व आपराधिक धमकी देने का दोषी पाया गया था. इस हिंसा में करीब 38 लोगों की मौत हो गई थी और 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. हिंसा हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान व दिल्ली में भी हुई.
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हालात से निपटने में असफल रहने के कारण खट्टर सरकार को चौतरफा आलोचना झेलनी पड़ी और उन पर कथित तौर पर डेरा समर्थकों को पंचकूला में हजारों की संख्या में जुटने में ढील देने का आरोप लगा.
( इनपुट आईएएनएस से)
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