लखीमपुर हिंसा मामले (Lakhimpur Violence Case) में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka GandhI) और कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा (Deependra Singh Hooda) को धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया गया है. प्रियंका गांधी रविवार देर रात लखनऊ से लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हुई थीं, लेकिन उन्हें सीतापुर (Sitapur Police Line) में ही हिरासत में ले लिया गया और पुलिस लाइन में हिरासत में रखा गया. बाद में वो हिरासत वाले कक्ष में ही झाड़ू लगाकर सफाई करती भी दिखीं. प्रियंका गांधी लखीमपुर में हिंसा के दौरान मारे गए किसानों के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रही थीं. उन्होंने हिरासत में सत्याग्रह शुरू किया है और उनकी एक ही मांग है कि किसानों से मिले बिना नहीं जाऊंगी. आरोप है कि पुलिस ने प्रियंका गांधी तक कानूनी सहायता तक नहीं पहुंचने दी.
भाजपा सरकार किसानों को कुचलने की राजनीति कर रही है, किसानों को खत्म करने की राजनीति कर रही है। pic.twitter.com/51R5Kmt41B
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) October 4, 2021
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
इससे पहले सोमवार सुबह प्रियंका गांधी को हरगांव के पास पुलिस हिरासत में लिए जाने के दौरान उनकी यूपी पुलिस के अफसरों से तीखी बहस हुई थी. प्रियंका गांधी ने पुलिस अफसरों से कहा कि वे उन्हें ऐसे हिरासत में नहीं ले सकते. अगर वो बिना वारंट के उन्हें ले जाते हैं और धक्का-मुक्की करते हैं तो यह अपहरण, छेड़छाड़ और हिंसा का मामला बनता है.
प्रियंका गांधी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे गिरफ्तारी का वारंट बड़े अधिकारियों औऱ मंत्रियों से लेकर आएं. गिरफ्तारी का वारंट दिखाएं और हथकड़ी लगाकर उन्हें ले जाएं तो वो खुशी खुशी साथ जाने को तैयार हो जाएंगी. पुलिस अफसरों ने जब महिला पुलिसकर्मियों को आगे कर उन्हें कहा कि महिलाओं को आगे न करें. थोड़ा बहुत कानून वो भी जानती हैं. यूपी में भले ही कानून का पालन न हो, लेकिन देश में कानून है.
प्रियंका ने रविवार को लखीमपुर खीरी घटनाके बाद ट्वीट कर कहा था, बीजेपी देश के किसानों से कितनी नफ़रत करती है? उन्हें जीने का हक नहीं है? अगर वो आवाज उठाएंगे तो उन्हें गोली मार दोगे, गाड़ी चढ़ाकर कुचल दोगे? बहुत हो चुका. ये किसानों का देश है, बीजेपी की निर्दयी विचारधारा की जागीर नहीं है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं