
प्रतीकात्मक चित्र
अहमदाबाद:
नवरात्र शुरू होने से पहले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मंगलवार को गुजरात में रिहायशी सोसायटियों में होने वाले गरबा कार्यक्रमों में मुसलमानों और ईसाइयों समेत गैर हिंदुओं को नहीं आने देने का निर्देश जारी किया है। संगठन ने कहा कि राज्यभर में गरबा स्थलों पर उसके स्वयंसेवक इस बात पर कड़ी नजर रखेंगे कि गैर हिंदू इन स्थलों पर प्रवेश करने का प्रयास तो नहीं कर रहे हैं।
विहिप ने कहा कि जो भी मुसलमान गरबा का आनंद उठाना चाहते हैं, उन्हें कार्यक्रम स्थल पर हिंदू धर्म को गले लगाने का विकल्प प्रदान किया जाएगा। गुजरात विहिप के महासचिव रणछोड़ भारवाड़ ने कहा कि गैर हिंदुओं पर पाबंदी केवल रिहायशी सोसायटियों में आयोजित छोटे गरबा कार्यक्रमों में लागू होगी न कि क्लबों एवं अन्य वाणिज्यिक कार्यक्रमों में।
उन्होंने कहा, हम राज्यभर में सभी गैर हिंदुओं चाहे, वे मुसलमान हो या ईसाईं, को गरबा स्थलों पर प्रवेश करने से परहेज करने की चेतावनी देते हैं। ऐसे हिंदू त्योहारों का मुस्लिम युवक हमारी लड़कियों को फंसाने के लिए औजार के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ऐसी पाबंदी लव जिहाद की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा, लव जिहाद के अलावा, यह भी ध्यान रखना होगा कि नवरात्रि हिंदुओं का पावन धार्मिक त्योहार है। इस प्रकार, दूसरों को उसका हिस्सा बनने देने के लिए उत्साहित करना उचित नहीं है। हमारी ओर से कदम उठाए जाने के अलावा हम सोसायटियों को अपने स्तर पर इस पाबंदी को लागू करने के लिए राजी करेंगे। जब धारवाड़ से कहा गया कि प्रधानमंत्री 'सबका साथ, सबका विकास' की बात करते हैं, ऐसे में इस निर्देश की क्या प्रासंगिकता है, उन्होंने कहा कि नवरात्रि कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं है।
विहिप ने कहा कि जो भी मुसलमान गरबा का आनंद उठाना चाहते हैं, उन्हें कार्यक्रम स्थल पर हिंदू धर्म को गले लगाने का विकल्प प्रदान किया जाएगा। गुजरात विहिप के महासचिव रणछोड़ भारवाड़ ने कहा कि गैर हिंदुओं पर पाबंदी केवल रिहायशी सोसायटियों में आयोजित छोटे गरबा कार्यक्रमों में लागू होगी न कि क्लबों एवं अन्य वाणिज्यिक कार्यक्रमों में।
उन्होंने कहा, हम राज्यभर में सभी गैर हिंदुओं चाहे, वे मुसलमान हो या ईसाईं, को गरबा स्थलों पर प्रवेश करने से परहेज करने की चेतावनी देते हैं। ऐसे हिंदू त्योहारों का मुस्लिम युवक हमारी लड़कियों को फंसाने के लिए औजार के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ऐसी पाबंदी लव जिहाद की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा, लव जिहाद के अलावा, यह भी ध्यान रखना होगा कि नवरात्रि हिंदुओं का पावन धार्मिक त्योहार है। इस प्रकार, दूसरों को उसका हिस्सा बनने देने के लिए उत्साहित करना उचित नहीं है। हमारी ओर से कदम उठाए जाने के अलावा हम सोसायटियों को अपने स्तर पर इस पाबंदी को लागू करने के लिए राजी करेंगे। जब धारवाड़ से कहा गया कि प्रधानमंत्री 'सबका साथ, सबका विकास' की बात करते हैं, ऐसे में इस निर्देश की क्या प्रासंगिकता है, उन्होंने कहा कि नवरात्रि कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं है।