
संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मौन रहने और उनके नेतृत्व वाली सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जाने पर पलटवार करते हुए संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि विश्वसनीयता उस दल की समाप्त हुई है, जो 440 से घटकर 44 सीट पर आ गई है और कांग्रेस पार्टी को इस विषय पर आत्मचिंतन करने की जरूरत है।
नायडू ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष, खासतौर पर कांग्रेस पार्टी को लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जनता के सरोकारों को ध्यान में रखते हुए सदन में कामकाज सुचारू से चलाने में सहयोग करना चाहिए।
राहुल गांधी के बयान पर उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर विश्वसनीयता खत्म हुई है, लेकिन उसकी हुई है, जो 440 से घटकर 44 सीट पर आ गई है। कांग्रेस पार्टी को इस बारे में आत्मचिंतन करने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का वादा किया था, प्रधानमंत्री की बात का वजन होता है। आप देश के प्रधानमंत्री हैं, बीजेपी के नहीं। वे मौन रहते हैं। उनकी विश्वसनीयता घट रही है।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार है और हम पहले भी इसे स्पष्ट कर चुके हैं। लेकिन किसी के इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं है, हमारे किसी मंत्री ने कोई गलती नहीं की है। वे चर्चा करें, चर्चा से क्यों बच रहे हैं। नायडू ने कहा, हम चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन वो इसे राजनीतिक रंग देना चाहते हैं। यह उनकी पसंद है। हम चाहते हैं कि संसद चले।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए वेंकैया ने कहा कि वे लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों का मान कम रहे हैं। वे लोकतांत्रिक ढंग से कामकाज चलने नहीं दे रहे हैं। मैं उनसे एक बार फिर आग्रह करता हूं कि चर्चा के मंच पर आएं और जनता के सरोकारों से जुड़े मुद्दों और विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
नायडू ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष, खासतौर पर कांग्रेस पार्टी को लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जनता के सरोकारों को ध्यान में रखते हुए सदन में कामकाज सुचारू से चलाने में सहयोग करना चाहिए।
राहुल गांधी के बयान पर उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर विश्वसनीयता खत्म हुई है, लेकिन उसकी हुई है, जो 440 से घटकर 44 सीट पर आ गई है। कांग्रेस पार्टी को इस बारे में आत्मचिंतन करने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का वादा किया था, प्रधानमंत्री की बात का वजन होता है। आप देश के प्रधानमंत्री हैं, बीजेपी के नहीं। वे मौन रहते हैं। उनकी विश्वसनीयता घट रही है।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार है और हम पहले भी इसे स्पष्ट कर चुके हैं। लेकिन किसी के इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं है, हमारे किसी मंत्री ने कोई गलती नहीं की है। वे चर्चा करें, चर्चा से क्यों बच रहे हैं। नायडू ने कहा, हम चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन वो इसे राजनीतिक रंग देना चाहते हैं। यह उनकी पसंद है। हम चाहते हैं कि संसद चले।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए वेंकैया ने कहा कि वे लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों का मान कम रहे हैं। वे लोकतांत्रिक ढंग से कामकाज चलने नहीं दे रहे हैं। मैं उनसे एक बार फिर आग्रह करता हूं कि चर्चा के मंच पर आएं और जनता के सरोकारों से जुड़े मुद्दों और विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
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