
पीलीभीत:
वरुण गांधी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जानलेवा हमले के एक मामले उस समय वह कानून के शिकंजे में आ गए जब पीलीभीत की सीजीएम कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
आनन-फानन में वरुण गांधी के वकील ने जिला एवं सत्र न्यायधीश की कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की तब जाकर उन्हें राहत मिली।
इस बीच, उन्हें तीन घण्टे हिरासत में रहना पड़ा। जिला जज ने उन्हें 15 दिन की अंतरिम जमानत दी है और अब उन्हें 13 फरवरी को दोबारा कोर्ट में आगे की जमानत के लिए पेश होना पड़ेगा।
गौरतलब है कि 28 मार्च 2009 को वरुण गांधी ने भड़काऊ भाषण मामले में पीलीभीत कोर्ट में सरेंडर किया था जहां उनकी जमानत अर्जी खारिज होने पर पीलीभीत जेल भेजा जा रहा था। तभी वरुण समर्थकों ने जेल परिसर में पथराव व फायरिंग की थी। पुलिस का आरोप था कि उन्होंने भीड़ को उकसाया था।
आनन-फानन में वरुण गांधी के वकील ने जिला एवं सत्र न्यायधीश की कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की तब जाकर उन्हें राहत मिली।
इस बीच, उन्हें तीन घण्टे हिरासत में रहना पड़ा। जिला जज ने उन्हें 15 दिन की अंतरिम जमानत दी है और अब उन्हें 13 फरवरी को दोबारा कोर्ट में आगे की जमानत के लिए पेश होना पड़ेगा।
गौरतलब है कि 28 मार्च 2009 को वरुण गांधी ने भड़काऊ भाषण मामले में पीलीभीत कोर्ट में सरेंडर किया था जहां उनकी जमानत अर्जी खारिज होने पर पीलीभीत जेल भेजा जा रहा था। तभी वरुण समर्थकों ने जेल परिसर में पथराव व फायरिंग की थी। पुलिस का आरोप था कि उन्होंने भीड़ को उकसाया था।
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