
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सदस्य एमएम अंसारी ने गुरुवार को मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना साधते हुए उन पर केन्द्रीय विद्यालयों में जर्मन भाषा की पढ़ाई सत्र के बीच में 'अचानक' बंद करवाने का आरोप लगाया।
अंसारी ने कहा कि स्मृति का अब तक का कार्यकाल 'संतुष्टि से काफी दूर' रहा है।
उन्होंने कहा कि वह स्मृति के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलने के संभावित नतीजे से चिंतित नहीं हैं क्योंकि 'हर कोई मंत्रालय के प्रदर्शन के बारे में चिंतित है, लेकिन कोई इस बारे में बात नहीं कर रहा है।'
मंत्री के कार्यालय ने इन आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार किया। अंसारी ने कहा कि उन्होंने (स्मृति) ऐसी किसी एक योजना या उपाय की घोषणा नहीं की जो शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाए और न ही शिक्षा की गुणवत्ता पर असर डालने वाला कोई संस्थानिक सुधार किया।
उन्होंने कहा, 'उन्होंने (स्मृति ईरानी) सिर्फ नए संस्थानों और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों की घोषणा की है जो भेदभाव वाली प्रकृति की हैं और इससे शिक्षकों तथा गुणवत्ता की कमी से जूझ रही व्यवस्था पर और बोझ बढ़ेगा।'
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