विज्ञापन
This Article is From Jun 04, 2019

गौतम गंभीर और महबूबा मुफ्ती के बीच कश्मीर मुद्दे पर फिर ट्विटर जंग, ऐसे किए एक-दूसरे पर वार

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कश्मीर मुद्दे में पाकिस्तान को भी एक पक्ष बताया और मुद्दे को सुलझाने के लिए पड़ोसी देश को भी शामिल करने की वकालत की.

गौतम गंभीर और महबूबा मुफ्ती के बीच कश्मीर मुद्दे पर फिर ट्विटर जंग, ऐसे किए एक-दूसरे पर वार
महबूबा मुफ्ती और गौतम गंभीर- (फाइल फोटो)
  • महबूबा मुफ्ती ने किया ट्वीट
  • गौतम गंभीर ने दिया जवाब
  • ट्विटर पर छिड़ी बहस
नई दिल्ली:

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कश्मीर मुद्दे में पाकिस्तान को भी एक पक्ष बताया और मुद्दे को सुलझाने के लिए पड़ोसी देश को भी शामिल करने की वकालत की. मुफ्ती ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में बने गृहमंत्री अमित शाह पर हमला किया है. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर समस्या के त्वरित हल के लिए ‘‘बर्बर बल'' का सहारा लेने का आरोप लगाया और कहा कि यह बेतुकी भरी नासमझी होगी. इस पर गौतम गंभीर ने भी करारा जवाब दिया है. गौतम ने महबूबा मुफ्ती को उन्हीं के अंदाज में जवाब दिया.

मंत्री पद को लेकर BJP से 'नाराज' चल रहे नीतीश कुमार को मिला लालू यादव का न्योता, कहा- अब समय...

नवनिर्वाचित सांसद गौतम गंभीर ने ट्वीट किया, ''हालांकि हम सभी कश्मीर समस्या के समाधान के लिए बात कर रहे हैं, लेकिन महबूबा मुफ्ती के लिए अमित शाह की प्रक्रिया को 'क्रूर' कहना 'हास्यास्पद' है. इतिहास हमारे धैर्य और धीरज का गवाह रहा है. लेकिन अगर उत्पीड़न मेरे लोगों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करता है, तो ऐसा ही हो.'' इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा, ‘‘1947 से विभिन्न सरकारें कश्मीर को सुरक्षा के नजरिए से देखती रही हैं. यह एक राजनीतिक समस्या है और पाकिस्तान सहित सभी पक्षों को शामिल करते हुए इसके राजनीतिक हल की जरूरत है.''

भीषण गर्मी में यूपी में बिजली कटौती : 'चुनाव खत्म हो चुका है, स्मृति ईरानी जीत चुकी हैं, अब अमेठी से बिजली चली गई है'

सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में देश की आंतरिक सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया, जहां उन्हें जम्मू कश्मीर की स्थिति से भी अवगत कराया गया. बता दें, अमित शाह (Amit Shah) ने सोमवार को सुरक्षा बलों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे किसी भी आलोचना से प्रभावित न हों और जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखें. गृह मंत्रालय का कहना है कि यह नीति परिणाम देने वाली है. इस साल के शुरुआती पांच महीनों में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने 101 आतंकवादियों को मार गिराया है. इसका मतलब हर महीने औसतन 20 आतंकियों का सफाया किया जा रहा है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Gautam Gambhir, Mehbooba Mufti, Twitter
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com