'गलती से' पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद 'वापसी' करने वाले तृणमूल विधायक ने आखिरकार थामा BJP का दामन

इस मौके पर जितेंद्र तिवारी ने बीजेपी का नारा, 'जय श्रीराम' दोहराया और कहा-यह ऐसी बात है जो मैं बचपन से कहता रहा हूं. आज मैं इसे मंच से कह सकता हूं.'

'गलती से' पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद 'वापसी' करने वाले तृणमूल विधायक ने आखिरकार थामा BJP का दामन

जितेंद्र तिवारी ने आखिरकार मंगलवार को बीजेपी का दामन थाम लिया

कोलकाता :

West Bengal Assembly Elections: इसे 'सियासी ड्रामा' ही कहा जाएगा... तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक ने पिछले साल दिसंबर में पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद इसमें वापसी की थी. अब, ऐसे समय जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव कुछ ही सप्‍ताह दूर हैं उन्‍होंने फिर तृणमूल कांग्रेस छोड़ दी है. विधायक जितेंद्र तिवारी (Jitendra Tiwari)ने मंगलवार को बीजेपी (BJP) का दामन थाम दिया. पंडवेश्‍वर से विधायक तिवारी आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस का जाना पहचाना चेहरा थे. तिवारी का भारतीय जनता पार्टी (BJP) में स्‍वागत करते हुए राज्‍य के पार्टी प्रमुख दिलीप घोष ने कहा, 'जितेंद्र तिवारी ने आज पार्टी बदली है. उन्‍होंने तृणमूल कांग्रेस के लिए कड़ी मेहनत की. एक परिबोर्तन (चेंज/बदलाव) पहले ही बंगाल में हो गया है, अन्‍य भी होने वाले हैं. राजीव बनर्जी और प्रोबीर घोषाल (पूर्व TMC नेता) भी हमारे साथ हैं. ' 

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दिलीप घोष ने कहा, 'हमारी पार्टी की ताकत रोजाना बढ़ रही है. बंगाल में भी हम बढ़ रहे हैं. जितेंद्र तिवारी बड़े नेता हैं और वे हमारे साथ जुड़े हैं.' इस मौके पर जितेंद्र तिवारी ने बीजेपी का नारा, 'जय श्रीराम' दोहराया और कहा-यह ऐसी बात है जो मैं बचपन से कहता रहा हूं. आज मैं इसे मंच से कह सकता हूं.' तिवारी ने कहा कि पिछले दो साल से वे तृणमूल कांग्रेस में उपेक्षित महसूस कर रहे थे. उन्‍होंने कहा, 'मैं बीजेपी का शुक्रगुजार हूं जिसमें अपने परिवार में मुझे शामिल किया और मुझे पार्टी में सेवा का मौका दिया. अब मैं वह कह सकता हूं जो मैं महसूस करता हूं. मैं कोई आरोप लगाना नहीं चाहता लेकिन पिछले दो साल से मैं वह नहीं कह पा रहा था जो मेरे दिमाग में था. मुझे लगता है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में बंगाल में बदलाव होगा.' सूत्रों ने कहा कि जहां पार्टी से इस्‍तीफा और तुरंत बाद वापसी को शीर्ष नेताओं से चर्चा के बाद 'मन/दिल में बदलाव' के तौर पर देखा गया था.

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जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री और बंगाल के बीजेपी नेता बाबुल सुप्रियो ने जितेंद्र तिवारी की बीजेपी में 'एंट्री' का विरोध किया था. आसनसोल से सांसद बाबुल सुप्रियो ने कहा था कि तिवारी के बीजेपी में प्रवेश का पार्टी कार्यकर्ताओं पर विपरीत असर होगा. उन्‍होंने यह भी संकेत दिया था कि तिवारी कोल घोटाले में कथित तौर पर शामिल हैं जिसकी जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है. मजे की बात यह हे कि तिवारी ने आसनसोल में नहीं बल्कि हुगली जिले में बीजेपी ज्‍वॉइन की.


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