कर्नाटक सरकार ने 10 नवंबर को टीपू सुल्तान की जयंती का आयोजन किया है.
- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कर्नाटक विधानसभा में की टीपू सुल्तान की तारीफ
- केंद्रीय मेंत्री अनंतकुमार हेगड़े ने 'बलात्कारी' और 'क्रूर हत्यारा' बताया
- कर्नाटक ने सरकार 10 नवंबर को टीपू सुल्तान की जयंती का आयोजन किया है
नई दिल्ली:
टीपू सुल्तान की जयंती को लेकर चल रहे सियासी घमासना के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को 18वीं सदी के मैसूर के शासक की खुलकर प्रशंसा की. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को कर्नाटक विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि टीपू सुल्तान अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ते हुए शहीद होना वाले योद्धा हैं. उन्होंने मैसूर रॉकेट के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया और युद्ध के दौरान इनका बेहतरीन इस्तेमाल किया.
यह भी पढ़ें : हटाए गए टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम, फैसले पर बोले बरकती - मुझे हटाने वाले वे कौन होते हैं?
बीजेपी कर रही है विरोध
गौरतलब है कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार 10 नवंबर को टीपू सुल्तान जयंती मनाने जा रही है. इसका बीजेपी विरोधी कर रही है. बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अनंतकुमार हेगड़े ने पिछले दिनों टीपू सुल्तान को 'बलात्कारी' और 'क्रूर हत्यारा' करार दिया था. उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि ऐसे व्यक्ति का जन्मदिन मनाना शर्मनाक है जो क्रूर हत्यारा रहा है और जिसने बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ बलात्कार किया. उन्होंने राज्य सरकार से कहा कि टीपू जयंती के कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथियों की सूची से उनका नाम हटा दे.
केंद्रीय मंत्री हेगड़े के ट्वीट के बाद विवाद शुरू हो गया था. टीपू के वंशजों ने केंद्रीय मंत्री से माफी मांगने के लिए कहा था. हेगड़े ने कर्नाटक के अधिकारियों को लिखे पत्र की कॉपी ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा, मैंने कर्नाटक सरकार को एक ऐसे बर्बर हत्यारे, कट्टरपंथी और मास रेपिस्ट का महिमामंडन के लिए आयोजित होने वाली जयंती कार्यक्रम में मुझे नहीं बुलाने के बारे में बता दिया है.
VIDEO : टीपू सुल्तान की जयंती पर कांग्रेस-बीजेपी में टकरार
कर्नाटक सरकार 2015 से मना रही है जयंती
कर्नाटक सरकार 10 नवंबर को टीपू सुल्तान की जयंती का आयोजन किया है. कर्नाटक सरकार साल 2015 से टीपू सुल्तान की जयंती मना रही है. उस साल भी इसका जमकर विरोध हुआ था. टीपू सुल्तान 18वीं सदी में मैसूर साम्राज्य के शासक थे. उनके शासनकाल पर शिक्षाविदों, इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों के बीच मतभेद रहे हैं.
यह भी पढ़ें : हटाए गए टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम, फैसले पर बोले बरकती - मुझे हटाने वाले वे कौन होते हैं?
बीजेपी कर रही है विरोध
गौरतलब है कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार 10 नवंबर को टीपू सुल्तान जयंती मनाने जा रही है. इसका बीजेपी विरोधी कर रही है. बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अनंतकुमार हेगड़े ने पिछले दिनों टीपू सुल्तान को 'बलात्कारी' और 'क्रूर हत्यारा' करार दिया था. उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि ऐसे व्यक्ति का जन्मदिन मनाना शर्मनाक है जो क्रूर हत्यारा रहा है और जिसने बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ बलात्कार किया. उन्होंने राज्य सरकार से कहा कि टीपू जयंती के कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथियों की सूची से उनका नाम हटा दे.
हेगड़े के ट्वीट से शुरू हुआ था विवादConveyed #KarnatakaGovt NOT to invite me to shameful event of glorifying a person known as brutal killer, wretched fanatic & mass rapist. pic.twitter.com/CEGjegponl
— Anantkumar Hegde (@AnantkumarH) October 20, 2017
केंद्रीय मंत्री हेगड़े के ट्वीट के बाद विवाद शुरू हो गया था. टीपू के वंशजों ने केंद्रीय मंत्री से माफी मांगने के लिए कहा था. हेगड़े ने कर्नाटक के अधिकारियों को लिखे पत्र की कॉपी ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा, मैंने कर्नाटक सरकार को एक ऐसे बर्बर हत्यारे, कट्टरपंथी और मास रेपिस्ट का महिमामंडन के लिए आयोजित होने वाली जयंती कार्यक्रम में मुझे नहीं बुलाने के बारे में बता दिया है.
VIDEO : टीपू सुल्तान की जयंती पर कांग्रेस-बीजेपी में टकरार
कर्नाटक सरकार 2015 से मना रही है जयंती
कर्नाटक सरकार 10 नवंबर को टीपू सुल्तान की जयंती का आयोजन किया है. कर्नाटक सरकार साल 2015 से टीपू सुल्तान की जयंती मना रही है. उस साल भी इसका जमकर विरोध हुआ था. टीपू सुल्तान 18वीं सदी में मैसूर साम्राज्य के शासक थे. उनके शासनकाल पर शिक्षाविदों, इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों के बीच मतभेद रहे हैं.
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Ramnath Kovind, Tipu Sultan Controversy