विज्ञापन
This Article is From Jun 03, 2020

मालेगांव ब्लास्ट मामले की सुनवाई कर रहे ट्रायल कोर्ट के जज का कार्यकाल नहीं बढ़ा

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में फिलहाल कोई फैसला देने से इनकार करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया

मालेगांव ब्लास्ट मामले की सुनवाई कर रहे ट्रायल कोर्ट के जज का कार्यकाल नहीं बढ़ा
सुप्रीम कोर्ट.
नई दिल्ली:

मालेगांव ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से कहा है कि वे मालेगांव ब्लास्ट मामले की सुनवाई कर रही ट्रायल कोर्ट के जज के कार्यकाल को बढ़ाने पर फैसला करें. सुप्रीम कोर्ट ने मामले में फिलहाल कोई फैसला देने से इनकार करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया. 

दरअसल 2008 ब्लास्ट मामले की सुनवाई कर रहे  NIA की विशेष अदालत के जज वीएस पडलकर इसी साल फरवरी में रिटायर हो गए. ब्लास्ट पीड़ित में से एक के पिता निसार अहमद सैय्यद बिलाल  ने जज के कार्यकाल के विस्तार के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिकाकर्ता के वकील गौरव अग्रवाल ने कोर्ट को बताया कि विशेष अदालत के जज ने 100 गवाहों की जांच की थी और पिछले दो वर्षों से इस मामले की सुनवाई कर रहे थे.

अग्रवाल ने मुख्य न्यायाधीश की पीठ को बताया कि जज की सेवानिवृत्ति से ट्रायल में बाधा हो गई है. जबकि 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने ही ट्रायल जल्द पूरा करने को कहा था इसलिए जज का कार्यकाल बढ़ाया जाए. 

चीफ जस्टिस ने कहा कि जज का कार्यकाल बढ़ाना है या नहीं, यह बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को तय करना है. वकील अग्रवाल ने पीठ को सूचित किया कि उनके मुवक्किल ने पहले ही बॉम्बे हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस को प्रतिनिधित्व भेजा था. SC ने याचिकाकर्ता को बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से संपर्क करने के लिए कहा ताकि उचित कार्रवाई हो सके.

दरअसल मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को एक बम विस्फोट में सात लोग मारे गए थे. प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट प्रसाद श्रीकांत पुरोहित समेत अन्य विस्फोट मामले में आरोपी हैं और एनआईए ने मामले की जांच की है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Malegaon Blast Case, Trial Court Judge
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com