सरकार 22वें विधि आयोग को सौंप सकती है देश भर में एक समान नागरिक संहिता लागू करने का जिम्मा

निशिकांत दुबे ने 1 दिसंबर 2021 को लोक सभा में शून्य काल के दौरान देश भर में समान नागरिक संहिता लागू करने का मुद्दा उठाया था. कानून मंत्री ने उसी के जवाब में 31 जनवरी 2022 को यह पत्र लिख कर दुबे को जानकारी दी है.

सरकार 22वें विधि आयोग को सौंप सकती है देश भर में एक समान नागरिक संहिता लागू करने का जिम्मा

यह मामला अब 22वें विधि आयोग को सौंपा जा सकता है.

नई दिल्ली:

देश भर में एक समान नागरिक संहिता लागू करने का काम सरकार 22वें विधि आयोग को सौंप सकती है. कानून मंत्री किरण रिजिजु ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को पत्र लिख कर यह जानकारी दी. कानून मंत्री ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 44 केंद्र सरकार को देश भर के नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए कहता है. इससे जुड़े सभी प्रावधानों का विस्तृत अध्ययन करने के लिए यह मामला 21वें विधि आयोग को दिया गया था, लेकिन इस आयोग का कार्यकाल 31 अगस्त 2018 को समाप्त हो गया. इसलिए यह मामला अब 22वें विधि आयोग को सौंपा जा सकता है.

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निशिकांत दुबे ने 1 दिसंबर 2021 को लोक सभा में शून्य काल के दौरान देश भर में समान नागरिक संहिता लागू करने का मुद्दा उठाया था. कानून मंत्री ने उसी के जवाब में 31 जनवरी 2022 को यह पत्र लिख कर दुबे को जानकारी दी है.

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गौरतलब है कि बीजेपी के तीन बुनियादी मुद्दों में से एक है समान नागरिक संहिता. अन्य दो मुद्दे अयोध्या में राम मंदिर और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त करने पर पार्टी घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा कर चुकी है.