यह विमान रूस के पुराने पड़ चुके मिग-21 विमानों का स्थान लेगा और इसकी स्कवाड्रन क्षमता वर्ष 2012 तक बढ़ाई जाएगी।
बेंगलुरू:
स्वदेशी तकनीक से तैयार हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस के सोमवार को उड़ान भरने और भारतीय वायुसेना को इसके प्रारम्भिक संचालन मंजूरी (आईओसी) मिलने के साथ ही भारत ऐसे लड़ाकू विमान बनाने वाले दुनिया के गिने-चुने देशों की श्रेणी में शामिल हो गया। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने रक्षा एवं प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल पीवी नाइक को दुनिया के इस सबसे छोटे सैन्य लड़ाकू विमान का सेवा प्रमाण पत्र प्रदान किया। चौथी पीढ़ी के सुपरसॉनिक लड़ाकू विमान तेजस का वायुसेना में 200 विमानों का बेड़ा रहेगा। यह विमान रूस के पुराने पड़ चुके मिग-21 विमानों का स्थान लेगा और इसकी स्कवाड्रन क्षमता वर्ष 2012 तक बढ़ाई जाएगी।
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