नई दिल्ली:
राजधानी दिल्ली में बलात्कार का शिकार बनी एक अन्य लड़की ने पांच साल की बच्ची के साथ वीभत्स बलात्कार की खबर से क्षुब्ध होकर शनिवार को नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की।
आठ लोगों द्वारा इस लड़की के अपहरण एवं बलात्कार का मामला पिछले हफ्ते सामने आया। अभियुक्तों में से चार लोगों को वह जानती थी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना की जानकारी पिछले हफ्ते मिली जब पूर्वी दिल्ली के फर्श बाजार की निवासी इस 13-वर्षीय पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज की। शिकायत के अनुसार इन लोगों ने 16 मार्च को लड़की का उसके घर के पास से अपहरण किया और उसे गाजियाबाद के लोनी ले गए। इनमें एक ऐसा व्यक्ति भी था, जिसे लड़की 'चाचा' कहती थी।
उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार किया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, उसे जिस कमरे में ले जाया गया, वहां चार जान-पहचान वाले व्यक्ति और चार अज्ञात लोग थे। उन्होंने लड़की का बलात्कार किया। परिवार 12 अप्रैल को लड़की को पुलिस के पास लेकर गया। इसके बाद बलात्कार का मामला दर्ज किया गया।
लड़की द्वारा बयान दर्ज कराने के बाद 16 अप्रैल को उसे एक बाल कल्याण समिति के समक्ष ले जाया गया। उसके परिजनों ने दावा किया है कि उसने नींद की गोलियां खाईं, क्योंकि वह पांच साल की बच्ची के बलात्कार की खबर से खिन्न थी। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं मिली है। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके नाम हैं दीपक (21 साल), रंजीत ( 20 साल - पीड़िता का परिचित) और सोहन लाल (24 साल)। पुलिस ने बताया कि उन्होंने तीन अन्य अज्ञात लोगों की पहचान कर ली है और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
पीड़िता का पूर्वी दिल्ली के हेडगेवार अस्पताल में इलाज चल रहा है। उधर, अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी द्वारा एक बयान जारी कर कहा गया है कि पुलिस ने शुरुआत में लड़की के परिजनों की प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया था।
आठ लोगों द्वारा इस लड़की के अपहरण एवं बलात्कार का मामला पिछले हफ्ते सामने आया। अभियुक्तों में से चार लोगों को वह जानती थी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना की जानकारी पिछले हफ्ते मिली जब पूर्वी दिल्ली के फर्श बाजार की निवासी इस 13-वर्षीय पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज की। शिकायत के अनुसार इन लोगों ने 16 मार्च को लड़की का उसके घर के पास से अपहरण किया और उसे गाजियाबाद के लोनी ले गए। इनमें एक ऐसा व्यक्ति भी था, जिसे लड़की 'चाचा' कहती थी।
उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार किया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, उसे जिस कमरे में ले जाया गया, वहां चार जान-पहचान वाले व्यक्ति और चार अज्ञात लोग थे। उन्होंने लड़की का बलात्कार किया। परिवार 12 अप्रैल को लड़की को पुलिस के पास लेकर गया। इसके बाद बलात्कार का मामला दर्ज किया गया।
लड़की द्वारा बयान दर्ज कराने के बाद 16 अप्रैल को उसे एक बाल कल्याण समिति के समक्ष ले जाया गया। उसके परिजनों ने दावा किया है कि उसने नींद की गोलियां खाईं, क्योंकि वह पांच साल की बच्ची के बलात्कार की खबर से खिन्न थी। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं मिली है। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके नाम हैं दीपक (21 साल), रंजीत ( 20 साल - पीड़िता का परिचित) और सोहन लाल (24 साल)। पुलिस ने बताया कि उन्होंने तीन अन्य अज्ञात लोगों की पहचान कर ली है और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
पीड़िता का पूर्वी दिल्ली के हेडगेवार अस्पताल में इलाज चल रहा है। उधर, अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी द्वारा एक बयान जारी कर कहा गया है कि पुलिस ने शुरुआत में लड़की के परिजनों की प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया था।
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