जयपुर:
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही ने 16 साल की लड़की दीक्षा शर्मा की जान ले ली।
रविवार को दीक्षा को निमोनिया की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार सुबह जब डॉक्टर राउंड पर आया तो दीक्षा की तबीयक बिगड़ने लगी और डॉक्टर ने उसे आईसीयू में शिफ्ट करने को कहा। लेकिन सुपरीटेंडेंट डॉक्टर एलसी शर्मा ने दीक्षा के घरवालों को इसके लिए डॉक्टर से फोन कराने को कहा।
इसके बाद डॉक्टर के फोन करने के बावजूद दीक्षा को आईसीयू में नहीं शिफ्ट किया गया। अस्पताल के डॉक्टर मानवाधिकार आयोग की बैठक में चले गए और 2 घंटे बाद इलाज के इंतजार में दीक्षा ने दम तोड़ दिया।
रविवार को दीक्षा को निमोनिया की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार सुबह जब डॉक्टर राउंड पर आया तो दीक्षा की तबीयक बिगड़ने लगी और डॉक्टर ने उसे आईसीयू में शिफ्ट करने को कहा। लेकिन सुपरीटेंडेंट डॉक्टर एलसी शर्मा ने दीक्षा के घरवालों को इसके लिए डॉक्टर से फोन कराने को कहा।
इसके बाद डॉक्टर के फोन करने के बावजूद दीक्षा को आईसीयू में नहीं शिफ्ट किया गया। अस्पताल के डॉक्टर मानवाधिकार आयोग की बैठक में चले गए और 2 घंटे बाद इलाज के इंतजार में दीक्षा ने दम तोड़ दिया।
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