नई दिल्ली:
उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ऐसा समझा जाता है कि शीर्ष अदालत में तीन उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को पदोन्नति करने के संबंध में अपनी सिफारिशों पर कायम है।
कॉलेजियम का फैसला सरकार के तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों को पदोन्नत करने के संबंध में अपनी अनुशंसा पर पुनर्विचार करने को कहने के बाद आया।
केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने रविवार को कहा कि प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाले पांच सदस्यीय कॉलेजियम के बारे में समझा जाता है कि उसने सरकार को अपने फैसले से अवगत करा दिया है।
कॉलेजियम ने उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वी गोपाल गौड़ा, कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विक्रमजीत सेन और मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एमवाई इकबाल को नामित किया था लेकिन सरकार ने इन नामों पर पुनर्विचार करने को कहा था।
उच्चतम न्यायालय के 1993 के फैसले पर आधारित मौजूदा व्यवस्था के अनुसार सरकार के पास कॉलेजियम की अनुशंसा को वापस लौटाने का एकबार विकल्प है। लेकिन अगर कॉलेजियम दूसरी बार उन्हीं नामों को सरकार के पास भेजता है तो सरकार उसे स्वीकार करने और नियुक्तियों को अधिसूचित करने को बाध्य है।
उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिशें अब विधि मंत्रालय के पास जाएंगी और तब प्रधानमंत्री कार्यालय जाएगी। उसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए इसे राष्ट्रपति भवन भेजा जाएगा।
कॉलेजियम का फैसला सरकार के तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों को पदोन्नत करने के संबंध में अपनी अनुशंसा पर पुनर्विचार करने को कहने के बाद आया।
केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने रविवार को कहा कि प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाले पांच सदस्यीय कॉलेजियम के बारे में समझा जाता है कि उसने सरकार को अपने फैसले से अवगत करा दिया है।
कॉलेजियम ने उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वी गोपाल गौड़ा, कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विक्रमजीत सेन और मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एमवाई इकबाल को नामित किया था लेकिन सरकार ने इन नामों पर पुनर्विचार करने को कहा था।
उच्चतम न्यायालय के 1993 के फैसले पर आधारित मौजूदा व्यवस्था के अनुसार सरकार के पास कॉलेजियम की अनुशंसा को वापस लौटाने का एकबार विकल्प है। लेकिन अगर कॉलेजियम दूसरी बार उन्हीं नामों को सरकार के पास भेजता है तो सरकार उसे स्वीकार करने और नियुक्तियों को अधिसूचित करने को बाध्य है।
उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिशें अब विधि मंत्रालय के पास जाएंगी और तब प्रधानमंत्री कार्यालय जाएगी। उसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए इसे राष्ट्रपति भवन भेजा जाएगा।
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