विज्ञापन
This Article is From Jul 10, 2018

MP-MLA की वकालत करने पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, केंद्र ने किया विरोध

उच्चतम न्यायालय ने आज विधि निर्माता (सांसद या विधायक) के वकील के रूप में वकालत करने पर पाबंदी की मांग वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

MP-MLA  की वकालत करने पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, केंद्र ने किया विरोध
फाइल फोटो
  • MP-MLA की वकालत पर सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित
  • केंद्र ने याचिका का विरोध किया
  • केंद्र ने कहा कि सांसद और विधायक प्रैक्टिस कर सकते हैं
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने आज विधि निर्माता (सांसद या विधायक) के वकील के रूप में वकालत करने पर पाबंदी की मांग वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. इधर, केंद्र सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सांसद फुल टाइम कर्मचारी नहीं हैं. वो जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और उनका कोई नियोक्ता नहीं है, इसलिए वो प्रैक्टिस कर सकते हैं. वहीं, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी कहा कि सासंद बतौर वकील कोर्ट में पेश हो सकते है. सुप्रीम कोर्ट बीजेपी नेता अश्वनी उपाधयाय की याचिका पर सुनवाई कर रहा था. बीजेपी नेता अश्वनी उपाधयाय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सासंदों, विधायकों को बतौर वक़ील कोर्ट में प्रैक्टिस करने से रोक की मांग की है. 

यह भी पढ़ें: कठुआ रेप और हत्या मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दिया आरोपियों को गुरदासपुर जेल स्‍थानांतरित करने का आदेश

अश्विनी उपाध्याय ने अपनी याचिका में कहा है कि बार काउंसिल के विधान और नियमावली के मुताबिक कहीं से वेतन पाने वाला कोई भी व्यक्ति वकालत नहीं कर सकता. क्योंकि वकालत पूर्णकालिक पेशा है. ऐसे में सांसद और विधायक जब सरकारी खजाने से वेतन और भत्ते लेते हैं तो कोर्ट में प्रैक्टिस कैसे कर रहे हैं. याचिका में कहा गया है कि जब तक कोई भी सांसद या विधायक जैसे पद पर है तब तक उसकी वकील के रूप में प्रैक्टिस पर पाबंदी लगा देनी चाहिए. शपथ लेते ही उसका लाइसेंस तब तक सस्पेंड कर देना चाहिए जब तक वो सांसद या विधायक है. 

VIDEO: निर्भया के दोषियों को फांसी ही मिलेगी, SC से याचिका खारिज
उपाध्याय ने इस बाबत सुप्रीम कोर्ट का 1994 में आया जजमेंट भी अटैच किया है. इसमें प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर को कोर्ट ने कहा कि, वो तब तक वकालत के योग्य नहीं माने जाएंगे जब तक कि वो डॉक्टर के पद से इस्तीफा ना दे दें. ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब डॉक्टर एक साथ दो जगह से वेतन और भत्ते लेकर वकालत नहीं कर सकता तो सांसद और विधायक कैसे प्रैक्टिस कर सकते हैं.
लेखक के बारे में
img
आशीष भार्गव
Senior Editor – Legal News
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Supreme Court, MP MLA Advocacy
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com