आंध्र के अनंतपुर से ताजे फल-सब्जियां लेकर किसान रेल पहुंची दिल्‍ली...

फिलहाल इस ट्रेन को सप्ताह में एक बार चलाया जाएगा लेकिन मांग बढ़ने के साथ ही इसके फेरे में बढ़ोत्तरी भी की जाएगी.अनंतपुर में दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फल एवं सब्जी का उगाई जाती हैं, ऐसे में इस क्षेत्र के किसानों के लिए यह ट्रेन वरदान बन सकती है.

आंध्र के अनंतपुर से ताजे फल-सब्जियां लेकर किसान रेल पहुंची दिल्‍ली...

खास बातें

  • अनंतपुर में बड़े क्षेत्र में उगाई जाती है फल-सब्जियां
  • इस ट्रेन के कारण किसानों को मिल सकेगी उपज की बेहतर कीमत
  • फिलहाल हफ्ते में एक बार चलाई जाएगी यह ट्रेन
नई दिल्ली:

शुक्रवार सुबह आंध्र प्रदेश के अनंतपुर से चलाई गई पहली किसान रेल (Kisan Rail)दिल्ली पहुंच गई है. यह रेल दक्षिण भारत से सब्जियां और फल (Vegetables And Fruits) लेकर आदर्श नगर रेलवे स्टेशन पहुंची है. इस ट्रेन में 332 टन फल और सब्जियां लाई गईं. इस ट्रेन ने 36 घंटों में यह दूरी तय की है. ट्रकों को अमूमन यह दूरी तय करने में 4 दिन तक का वक्त लग जाता है. इस ट्रेन से किसानों की ताज़ा फल और सब्ज़ियां समय पर मंडी पहुंच सकी हैं और इससे किसानों को उपज की बेहतर क़ीमत भी मिलेगी. साथ ही ट्रांसपोर्टेशन पर क़रीब 25 फ़ीसदी कम ख़र्च होने से उनका मुनाफ़ा भी ज़्यादा होगा.फिलहाल इस ट्रेन को सप्ताह में एक बार चलाया जाएगा लेकिन मांग बढ़ने के साथ ही इसके फेरे में बढ़ोत्तरी भी की जाएगी.

पीएम मोदी ने 8.55 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचाए 17,100 करोड़

3mbaliooकिसान रेल फल और सब्जियां लेकर देश की राजधानी पहुंची है 

 गौरतलब है कि अनंतपुर में दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फल एवं सब्जी का उगाई जाती हैं, ऐसे में इस क्षेत्र के किसानों के लिए यह ट्रेन वरदान बन सकती है. जिले के 58 लाख मीट्रिक टन फल और 80 फ़ीसदी सब्जियां राज्य से बाहर बेची जाती हैं. इसके लिए दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा बड़े बाज़ार हैं. ऐसे में इलाके के किसानों को किसान रेल से बड़ा फ़ायदा होने की उम्मीद है.

इससे पहले सात अगस्त को महाराष्ट्र के देवलाली से बिहार के दानापुर के बीच पहली किसान रेल चलाई गई थी.
दरअसल किसान रेल पार्सल कोच की ट्रेन है जिसमें किसान अपनी पैदावार को रेल के ज़रिये दूसरे शहरों तक कम समय में भेज सकते हैं. कोरोना ख़ौफ़ की वजह से रेलवे की ज़्यादातर ट्रेनें रद्द हैं ऐसे में मालगाड़ियों और पार्सल ट्रेनों को समय पर चला पाना संभव हो पाया है. और आपदा को अवसर में बदलने का फ़ायादा किसानों को भी मिल रहा है.


किसानों की समस्या पर बात कब?

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com