सोनिया गांधी ने कहा कि यह चुनाव अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की मांग करता है
- 'विभाजनकारी और सांप्रदायिक नजरिये के खिलाफ लड़ाई है यह चुनाव'
- 'हम जिन मूल्यों में यकीन करते हैं, उन पर हमारा विश्वास होना चाहिए'
- 'यह चुनाव विचारों का टकराव, असमान मूल्यों का संघर्ष है'
नई दिल्ली:
राष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस चुनावी मुकाबले को 'संकीर्ण, विभाजनकारी और सांप्रदायिक नजरिये' के खिलाफ लड़ाई करार दिया है. राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार - मीरा कुमार और गोपाल कृष्ण गांधी की मौजूदगी में विपक्षी नेताओं को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा कि इन मुकाबलों में संख्याबल उनके खिलाफ हो सकता है, लेकिन लड़ाई लड़ी जाएगी और जमकर लड़ी जाएगी.
सोनिया ने कहा, 'हम भारत को ऐसे लोगों का बंधक नहीं बनने दे सकते, जो इस पर एक संकीर्ण, विभाजनकारी और सांप्रदायिक नजरिया थोपना चाहते हैं.' कांग्रेस अध्यक्ष के भाषण के लिखित रूप के मुताबिक, उन्होंने कहा, 'हमें अब सबसे ज्यादा सजग रहना होगा कि हम कौन हैं, अपनी आजादी की लड़ाई में हम किसलिए लड़े और हम अपने लिए कैसा भविष्य चाहते हैं.'
(पढ़ें- राष्ट्रपति चुनाव : निर्वाचक मंडल में शामिल 33% सांसद-विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले)
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'हम जिन मूल्यों में यकीन करते हैं, उन पर हमारा विश्वास होना चाहिए. यह चुनाव विचारों का टकराव, असमान मूल्यों का संघर्ष है. यह चुनाव अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की मांग करता है, ताकि उस भारत को बचाया जा सके जिसके लिए महात्मा (गांधी) और स्वतंत्रता सेनानियों, जिसमें हजारों आम पुरुष एवं महिलाएं थीं, ने लड़ाई लड़ी थी.'
वीडियो
उन्होंने कहा कि मीरा कुमार और गोपाल कृष्ण गांधी का समर्थन करने के लिए अलग-अलग पार्टियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी इस बात की पुष्टि करती है कि एक समावेशी, सहनशील और बहुलवादी भारत के लिए लड़ाई अब सही मायने में छेड़ी जा चुकी है.' राष्ट्रपति चुनाव सोमवार को है, जबकि उप-राष्ट्रपति पद के लिए 5 अगस्त को मतदान होगा.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सोनिया ने कहा, 'हम भारत को ऐसे लोगों का बंधक नहीं बनने दे सकते, जो इस पर एक संकीर्ण, विभाजनकारी और सांप्रदायिक नजरिया थोपना चाहते हैं.' कांग्रेस अध्यक्ष के भाषण के लिखित रूप के मुताबिक, उन्होंने कहा, 'हमें अब सबसे ज्यादा सजग रहना होगा कि हम कौन हैं, अपनी आजादी की लड़ाई में हम किसलिए लड़े और हम अपने लिए कैसा भविष्य चाहते हैं.'
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कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'हम जिन मूल्यों में यकीन करते हैं, उन पर हमारा विश्वास होना चाहिए. यह चुनाव विचारों का टकराव, असमान मूल्यों का संघर्ष है. यह चुनाव अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की मांग करता है, ताकि उस भारत को बचाया जा सके जिसके लिए महात्मा (गांधी) और स्वतंत्रता सेनानियों, जिसमें हजारों आम पुरुष एवं महिलाएं थीं, ने लड़ाई लड़ी थी.'
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उन्होंने कहा कि मीरा कुमार और गोपाल कृष्ण गांधी का समर्थन करने के लिए अलग-अलग पार्टियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी इस बात की पुष्टि करती है कि एक समावेशी, सहनशील और बहुलवादी भारत के लिए लड़ाई अब सही मायने में छेड़ी जा चुकी है.' राष्ट्रपति चुनाव सोमवार को है, जबकि उप-राष्ट्रपति पद के लिए 5 अगस्त को मतदान होगा.
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