
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की संसदीय दल की बैठक में कहा कि कांग्रेस को भाजपा सरकार की विभाजनकारी और अधिकारवादी राजनीति का मुकाबला करना चाहिए। सोनिया ने मोदी सरकार पर यूपीए की योजनाओं की नकल करने और न्यूनतम शासन की नीति पर चलने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद से भाजपा उन्हीं नीतियों को लागू कर रही है, जिन्हें यूपीए सरकार द्वारा लाया गया था। सोनिया ने कहा, हमारे विचारों को चुराने के लिए उनका स्वागत है...नकल करना झूठी तारीफ का सबसे बढ़िया तरीका होता है।
कांग्रेस प्रमुख ने कहा, यह हमारे लिए समय है। लोकसभा में हमारी संख्या अब तक की सबसे कम है। लोगों का कांग्रेस में भरोसा फिर से बनने और बहाल होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस अपने को फिर से खड़ा करने के लिए पूरी शक्ति से लड़ेगी। उन्होंने सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं को लेकर सरकार पर हमला किया और राहुल गांधी द्वारा पिछले दिनों दिए गए उस बयान को दोहराया, जिसमें कहा गया था कि यूपी में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं राजनीतिक फायदे के लिए जानबूझकर कराई गईं।
सोनिया ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं में चिंताजनक रूप से वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र तथा कई अन्य राज्यों में सांप्रदायिक हिंसा तथा दंगों की सैकड़ों घटनाएं सामने आई हैं। इसके अतिरिक्त अन्य स्तरों पर असहिष्णुता के घातक संकेत मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा, मैं इसके विस्तार में नहीं जाना चाहती। आप सभी भाजपा के कुछ जनप्रतिनिधियों के भद्दे व्यवहार से परिचित हैं। इसके अलावा कुछ अन्य के अस्वीकार्य विचार समय की कसौटी पर खरी उतरी धर्मनिरपेक्ष परंपराओं तथा संवैधानिक शुचिता के प्रति पूर्ण असम्मान है।
(इनपुट भाषा से भी)
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