
जोधपुर की एक स्थानीय अदालत ने एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के मामले में प्रवचनकर्ता आसाराम और चार अन्य सह-आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि शनिवार को 12 दिनों के लिए बढ़ा दी।
पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र दायर करने के लिए 6 नवंबर तक का समय मांगा, जिसके बाद अदालत ने आसाराम और मामले के अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने का आदेश दिया। पीड़ित के वकील मनीष व्यास ने बताया, जांच अधिकारी को आज आरोप पत्र दायर करना था, लेकिन उन्होंने इसके लिए और समय मांगा है।
जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि वे 6 नवंबर को आरोप पत्र दायर करेंगे। इसके बाद अदालत ने आसाराम समेत मामले के सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि 6 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी। इससे पहले अदालत ने शुक्रवार को उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि एक दिन के लिए बढ़ाई थी, जिसके बाद सभी आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया गया।
72-वर्षीय आसाराम को एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में अगस्त में गिरफ्तार किया गया था। सूरत में रहने वाली दो बहनों की शिकायत के बाद उनके और उनके पुत्र के खिलाफ 6 अक्टूबर को यौन उत्पीड़न का एक नया मामला दर्ज किया गया था।
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