लखनऊ:
उत्तर प्रदेश की लखनऊ जेल में डिप्टी सीएमओ योगेंद्र सचान की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आदेश दिया है कि अभी इसकी सीबीआई जांच कराने का आदेश देना जल्दबाजी होगी। इस मामले में डिप्टी सीएमओ के परिवार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सचान की पत्नी ने कोर्ट में एफिडेविट दाखिल करके आरोप लगाया था कि उनके पति को पूछताछ के बहाने ले जाया गया और कुछ बड़े लोगों को बचाने के लिए घोटाले में फंसा दिया गया। उन्होंने लिखा कि कोर्ट में पेशी से ठीक पहले उनकी हत्या कर दी गई, क्योंकि लोगों को डर था कि कहीं पुलिस रिमांड में वह बड़े राज न खोल दें। सचान के परिवार ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को खारिज करते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि सरकार का यह दावा झूठा है कि पोस्टमॉर्टम के वक्त सचान के भाई मौजूद थे।
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