जयपुर:
कांग्रेस का उपाध्यक्ष चुने जाने के बाद राहुल गांधी ने इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए पार्टी कार्यसमिति की बैठक में पार्टी का आभार जताया और कहा कि वह कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
कांग्रेस नेता विलास मुत्तेमवार के अनुसार राहुल ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि हम कांग्रेस में बदलाव ला सकते हैं।’’ राहुल ने कार्यसमिति को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह उनके लिए महान अनुभव है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पिछले आठ साल से पार्टी के लिए काम किया है। हम देश को बदल सकते हैं। यह एक महान पार्टी है।’’ कांग्रेस ने आज राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया। उन्हें लोकसभा चुनाव से करीब 16 महीने पहले ऐसे समय में पार्टी में नंबर दो की जिम्मेदारी सौंपी गई है जब भाजपा में प्रधानमंत्री पद को लेकर नरेंद्र मोदी के नाम पर चर्चा जोर शोर से चल रही है।
तैतालिस वर्षीय राहुल को आज कांग्रेस के चिंतन शिविर के समापन पर पार्टी के नंबर दो के तौर पर काबिज किया गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 24 सितंबर, 2007 को राहुल को पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे करीब तीन साल पहले उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया था और वह अमेठी से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। इस सीट से पहले राजीव गांधी भी लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते थे।
राहुल को पार्टी में बड़ी भूमिका दिए जाने की मांग कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से पहले से ही की जा रही थीं। उपाध्यक्ष बनाये जाने के बाद उन्हें पार्टी का प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने को लेकर भी मांग तेज हो गईं हैं।
कांग्रेस नेता विलास मुत्तेमवार के अनुसार राहुल ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि हम कांग्रेस में बदलाव ला सकते हैं।’’ राहुल ने कार्यसमिति को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह उनके लिए महान अनुभव है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पिछले आठ साल से पार्टी के लिए काम किया है। हम देश को बदल सकते हैं। यह एक महान पार्टी है।’’ कांग्रेस ने आज राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया। उन्हें लोकसभा चुनाव से करीब 16 महीने पहले ऐसे समय में पार्टी में नंबर दो की जिम्मेदारी सौंपी गई है जब भाजपा में प्रधानमंत्री पद को लेकर नरेंद्र मोदी के नाम पर चर्चा जोर शोर से चल रही है।
तैतालिस वर्षीय राहुल को आज कांग्रेस के चिंतन शिविर के समापन पर पार्टी के नंबर दो के तौर पर काबिज किया गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 24 सितंबर, 2007 को राहुल को पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे करीब तीन साल पहले उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया था और वह अमेठी से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। इस सीट से पहले राजीव गांधी भी लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते थे।
राहुल को पार्टी में बड़ी भूमिका दिए जाने की मांग कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से पहले से ही की जा रही थीं। उपाध्यक्ष बनाये जाने के बाद उन्हें पार्टी का प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने को लेकर भी मांग तेज हो गईं हैं।
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