कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले अमेरिका दौरे पर गए थे. ( फाइल फोटो )
नई दिल्ली:
- राहुल गांधी के बहरीन दौरे के पीछे एक सियासी गुणाभाग भी हो सकता है. खाड़ी देशों में 30 लाख से ज्यादा भारतीय या इसी मूल के लोग रहते हैं जिनमें ज्यादातर कर्नाटक या केरल के रहने वाले हैं. इनका आज भी अपने-अपने राज्यों में अच्छा खासा प्रभाव है. गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले भी राहुल गांधी 'स्टडी टूर' पर गए थे
- कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है. इस दौरान वह अनिवासी भारतीयों के एक सम्मेलन को संबोधित करेंगे और इस खाड़ी देश के प्रधानमंत्री शहजादे सलमान बिन हमद अल-खलीफा से मुलाकात करेंगे. राहुल बहरीन के राजकीय अतिथि होंगे उनके शाह हमद बिन इसा अल खलीफा से भी मुलाकात की संभावना है. कार्यक्रम के जरिए भी वहां बसे भारतीयों को लुभाने की कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है.
- कांग्रेस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि गांधी ग्लोबल ऑर्गनाइजेशन ऑफ पीपुल ऑफ इंडिया ओरिजिन (जीओपीआईओ) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के विदाई सत्र में हिस्सा लेंगे. जिसमें 50 देशों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे.
- वह भारतीय मूल के कारोबारियों से भी बातचीत करेंगे. राहुल ने अपनी यात्रा शुरू करने से पहले एक ट्वीट में कहा, ‘‘अनिवासी भारतीय हमारी सौम्य ताकत के वास्तविक प्रतिनिधि एवं विश्व में हमारे देश के दूत होते हैं.'
- राहुल ने कहा कि बहरीन में अपने देशवासियों के साथ मुलाकात और उन्हें संबोधित करने को लेकर आशान्वित हूं. राहुल का ये अंदाजा बिलकुल प्रधानमंत्री मोदी से मिलता जुलता दिख रहा है. पीएम मोदी भी अपने विदेश दौरे में वहां बसे भारतीयों से ऐसी ही कार्यक्रमों के जरिए मुलाकात करते हैं.
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