
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल फाइटर जेट की डील पर दस्तखत हो गए हैं. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और फ़्रांस के रक्षामंत्री ने इस डील पर दस्तख़त किए. करीब 59 हजार करोड़ रुपये की इस डील के वक़्त रफ़ाल जेट बनाने वाली कई कंपनियों के साथ फ्रांस की दूसरी टॉप कंपनियों के सीईओ भी मौजूद थे. भारत को एक राफेल 1600 करोड़ रुपए का मिलेगा. डील पर दस्तखत के 36 महीने के भीतर यानी 2019 में विमान आने शुरू हो जाएंगे. सभी 36 विमान 66 महीने के भीतर भारत आ जाएंगे. पहले 7 साल शुरुआती क़ीमत पर कल-पुर्जे मिलेंगे. आधुनिक मिसाइल और हथियार तकनीक से लैस इस फाइटर जेट के बेड़े में शामिल होने से भारतीय वायुसेना की ताकत और मज़बूत होगी.
ये हैं इसकी खासियतें जो इसे सबसे जुदा बनाती हैं
ये हैं इसकी खासियतें जो इसे सबसे जुदा बनाती हैं
- यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की पहली पसंद है. हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता.
- अत्याधुनिक हथियारों से लैस होगा राफेल, प्लेन के साथ मेटेअर मिसाइल भी है
- 150 किमी की बियोंड विज़ुअल रेंज मिसाइल, हवा से जमीन पर मार वाली स्कैल्प मिसाइल
- स्कैल्प मिसाइल की रेंज 300 किमी, हथियारों के स्टोरेज के लिए 6 महीने की गारंटी
- अधिकतम स्पीड 2,130 किमी/घंटा और 3700 किमी. तक मारक क्षमता
- 1 मिनट में 60,000 फ़ुट की ऊंचाई और 4.5 जेनरेशन के ट्विन इंजन से लैस
- 24,500 किलो उठाकर ले जाने में सक्षम और 60 घंटे अतिरिक्त उड़ान की गारंटी
- 75% विमान हमेशा ऑपरेशन के लिए तैयार हैं, परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है
- अफगानिस्तान और लीबिया में अपनी ताकत का प्रदर्शन कर चुका है
- भारतीय वायुसेना के हिसाब से फेरबदल किए गए हैं
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