विज्ञापन
This Article is From Jan 02, 2019

राफेल मामला: सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल, फैसला वापस लेने और खुली अदालत में सुनवाई की मांग की

याचिका में 14 दिसंबर के राफेल के फैसले को वापस लेने और याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई की मांग की गई है.

राफेल मामला: सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल, फैसला वापस लेने और खुली अदालत में सुनवाई की मांग की
प्रतीकात्मक तस्वीर.
  • सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल
  • फैसला वापस लेने की मांग की गई
  • याचिका में कहा- खुली अदालत में हो सुनवाई
नई दिल्ली:

Rafale Deal Case: पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) और अरुण शौरी, प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) ने राफेल मामले (Rafale Deal) में दिए गए फैसले पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. याचिका में 14 दिसंबर के  राफेल के फैसले को वापस लेने और याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई की मांग की गई है.

याचिका में कहा गया है कि फैसले में कई त्रुटियां हैं. यह फैसला सरकार द्वारा अदालत को एक सीलबंद कवर में दिए गए एक अहस्ताक्षरित नोट में किए गए गलत दावों पर आधारित है, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन है. साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि मामले में फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद कई नए तथ्य प्रकाश में आए हैं, जिनके आधार पर मामले की जड़ तक जाने की जरूरत है.

राफेल मामले पर कांग्रेस ने मोदी सरकार, BJP नेताओं से पूछे यह अहम 11 सवाल...

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में राफेल मुद्दे पर कांग्रेस पर पलटवार किया था. उन्होंने कहा था कि यह आरोप सरकार पर हैं, मेरे ऊपर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाए गए हैं.  संसद में मैंने विस्तार से इसका जवाब दिया है. सुप्रीम कोर्ट तक मसला क्लियर हो चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने इसकी सभी चीजें सामने निकालकर रख दी है. दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है. कांग्रेस जो आरोप लगा रही है, उसे साबित करें. उन्हें बार-बार बोलने की बीमारी है, तो मुझे बार-बार बोलने की जरूरत है क्या? साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद से हमेशा डिफेंस डील विवादित क्यों रहा है? '

राफेल मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर बोले पीएम मोदी, 'आरोप लगाने वाले उसे साबित करें'

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था फैसले में?
सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील की कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग वाली चार याचिकाओं पर फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस सौदे को लेकर सभी याचिकाएं खारिज कर दी थी और कहा था कि इस सौदे को लेकर कोई शक नहीं है और कोर्ट को इस मामले में अब कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहती है. कोर्ट ने साथ में यह भी कहा था कि विमान खरीद प्रक्रिया पर भी कोई शक नहीं है. साथ ही कहा था कि सरकार की बुद्धिमता को पर जजमेंट लेकर नहीं बैठे हैं. 

राफेल मामला: यूपी के सीएम योगी ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा- इस वजह से नहीं हो पाई थी डील

फैसले के बाद याचिकाकर्ताओं में से एक वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला एकदम गलत है. उन्होंने कहा था कि एयरफोर्स ने कभी नहीं कहा था कि 36 राफेल विमान चाहिए. एयरफोर्स से बिना पूछे मोदी जी ने फ्रांस में जाकर समझौता कर लिया इसके बाद तय कीमत से ज्यादा पैसा दे दिया. भूषण ने कहा था कि कोर्ट में कीमतों पर सीलबंद रिपोर्ट दे दी जिसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं दी गई. वहीं कोर्ट ने ऑफसेट पार्टनर चुनने के मामले में भी गलत नहीं माना है. कोर्ट का कहना था कि दसॉल्ट ने ऑफसेट पार्टनर चुनना है. प्रशांत ने तर्क दिया कि रक्षा सौदे में बिना सरकार की सहमति के कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है. 

मोदी सरकार की SC से गुहार: राफेल के आदेश में 'तथ्यात्मक गलती' को सुधार दीजिए, जानें 10 बड़ी बातें

VIDEO- राफेल मामले पर संसद में रार जारी, राहुल गांधी बोले- जेपीसी का गठन करिये

 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Rafale Deal Case, Yashwant Sinha, Arun Shourie, Prashant Bhushan, Review Petition, Supreme Court, Rafale Verdict
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com