पंजाब में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं: कैप्टन अमरिंदर

कोरोना की दूसरी लहर के बीच देशभर में ऑक्सीजन की कमी एक चुनौती बनकर उभरी है. कोविड मरीज के परिजन अस्पताल दर अस्पताल सिर्फ ऑक्सीजन की तलाश में भटक रहे हैं.

चंडीगढ़/ नई दिल्ली :

कोरोना की दूसरी लहर के बीच देशभर में ऑक्सीजन की कमी एक चुनौती बनकर उभरी है. कोविड मरीज के परिजन अस्पताल दर अस्पताल सिर्फ ऑक्सीजन की तलाश में भटक रहे हैं. पंजाब में ऑक्सीजन की स्थिति पर चर्चा करके हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि हमारे राज्य में ऑक्सीजन की कमी की समस्या सामने नहीं आई. उन्होंने कहा कि हमनें चार लोकेशन तय की है, ऑक्सीजन का प्लांट लगाने के लिए, अंतिम मुहर के लिए केंद्र की मंजूरी की जरूरत है, पिछले साल से ही केंद्र के जवाब इंतजार कर रहे हैं.  उन्होंने बताया कि कल ही मैंने इस विषय को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र लिखा है. 


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने एनडीटीवी की मुहिम द सॉल्यूशंस समिट, इंडिया बनाम कोरोना में यह बात कही. उन्होंने कोविड के  बढ़ते खतरे और उससे निपटने के उपायों को लेकर चर्चा की. कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर लॉकडाउन लगाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम अर्थव्यवस्था को बंद नहीं कर सकते हैं लेकिन कुछ पाबंदियां जरूर लगा सकते हैं. सीएम अमरिंदर ने बताया कि हमने पिछले बार लॉकडाउन किया था, लेकिन तब लुधियाना से अन्य राज्यों से प्रवासियों का पलायन हुआ था. हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करने की बजाय सुरक्षा देना है.  

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कोरोना वैक्सीन की कमी पर अमरिंदर ने कहा कि हमारे पास करीब 3 लाख डोज हैं, लेकिन अभी हम 1.5 लाख तक दे पा रहे हैं. मगर अगर हम पूरी क्षमता से वैक्सीन करते हैं तो 1-2 दिन का ही स्टॉक बचेगा. लिहाजा जब देश में कमी थी तो दूसरे देशों को उपहार में देने की क्या जरूरत थी. अगर हमारे पास पर्याप्त भंडार होता तो ऐसा करने में कोई गलत नहीं था