नई दिल्ली:
अब तक एमपी और एमएलए ही अपनी संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड का ब्योरा देते हैं लेकिन चुनाव आयोग इस बात पर गंभीरता से सोच रहा है कि क्यों नहीं महामहिम की दौड़ में शामिल उम्मीदवारों से भी हलफनामा भरवाया जाए।
रायसीना की रेस में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को जल्द ही अपनी संपति और आपराधिक रिकार्ड से जुड़ा हलफनामा भरना पड़ सकता है।
देश का चुनाव आयोग इस मसले पर विचार कर रहा है कि क्यों नहीं लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तर्ज पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों से हलफनामा भरने को कहा जाए।
फिलहाल एमपी और एमएलए के लिए चुनाव लड़ते वक्त अपनी संपति और देनदारियों की जानकारी देनी होती है। साथ ही उम्मीदवार अपने आपराधिक रिकार्ड का पूरा ब्यौरा भी हलफनामे में देते हैं।
रायसीना की रेस में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को जल्द ही अपनी संपति और आपराधिक रिकार्ड से जुड़ा हलफनामा भरना पड़ सकता है।
देश का चुनाव आयोग इस मसले पर विचार कर रहा है कि क्यों नहीं लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तर्ज पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों से हलफनामा भरने को कहा जाए।
फिलहाल एमपी और एमएलए के लिए चुनाव लड़ते वक्त अपनी संपति और देनदारियों की जानकारी देनी होती है। साथ ही उम्मीदवार अपने आपराधिक रिकार्ड का पूरा ब्यौरा भी हलफनामे में देते हैं।
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