
नई दिल्ली:
बलात्कार पीड़िता 19 वर्षीय एक लड़की ने चिकित्सकीय एवं आर्थिक सहायता के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है ताकि वह अपने बच्चे को जन्म दे सके।
लड़की की याचिका पर न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए उनसे 6 जून तक जवाब मांगा है। लड़की ने कहा कि बलात्कार के कारण वह गर्भवती हो गई तथा उसने केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्रालय को निर्देश देने का अनुरोध किया ताकि बच्चे को जन्म देने के लिए उसे सहयोग मुहैया कराया जाए।
लड़की की तरफ से वकील निशित कुश और विजय किंगर ने कहा कि सामाजिक दंश के कारण उसके परिवार ने उसे छोड़ दिया है और उसने अपने दूर के एक रिश्तेदार के यहां शरण ले रखी है।
वकील ने अदालत को बताया कि पीड़िता आठ महीने की गर्भवती है और उसे चिकित्सकीय उपचार एवं बच्चा पैदा करने में देखभाल की जरूरत है।
उनके वकील ने अदालत से कहा, पीड़िता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और बच्चे को जन्म देने के लिए वह अस्पताल का खर्चा नहीं उठा सकती।
लड़की की याचिका पर न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए उनसे 6 जून तक जवाब मांगा है। लड़की ने कहा कि बलात्कार के कारण वह गर्भवती हो गई तथा उसने केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्रालय को निर्देश देने का अनुरोध किया ताकि बच्चे को जन्म देने के लिए उसे सहयोग मुहैया कराया जाए।
लड़की की तरफ से वकील निशित कुश और विजय किंगर ने कहा कि सामाजिक दंश के कारण उसके परिवार ने उसे छोड़ दिया है और उसने अपने दूर के एक रिश्तेदार के यहां शरण ले रखी है।
वकील ने अदालत को बताया कि पीड़िता आठ महीने की गर्भवती है और उसे चिकित्सकीय उपचार एवं बच्चा पैदा करने में देखभाल की जरूरत है।
उनके वकील ने अदालत से कहा, पीड़िता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और बच्चे को जन्म देने के लिए वह अस्पताल का खर्चा नहीं उठा सकती।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
दिल्ली हाईकोर्ट, गर्भवती महिला, बलात्कार की शिकार, Delhi High Court, New Delhi, Pregnant Rape Survivor, Rape