New Delhi:
अधिवक्ता एवं टीम अन्ना के सदस्य प्रशांत भूषण ने कहा कि प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कहा, सरकार कहती है कि यदि प्रधानमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में जांच की जाती है तो सरकार हिल जाएगी लेकिन यदि प्रधानमंत्री भ्रष्ट हों और कोई जांच नहीं की जाए तो यह देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा होगा। भूषण ने यह भी कहा कि टीम अन्ना सरकार से बातचीत को तैयार है लेकिन प्रमुख मुद्दों पर यह कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा, यदि वे तैयार हैं तो हम भी बातचीत को तैयार हैं। हमारा जन लोकपाल विधेयक 13 बार संशोधित हो चुका है। सभी सलाह-मशविरा शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने विधेयक में जन लोकपाल के मुख्य बिन्दुओं को शामिल कर सकती है और यदि वह किसी अन्य बेहतर व्यवस्था की सलाह देती है तो हम चर्चा करने को भी तैयार हैं। भूषण ने यह भी मांग की कि सरकार लोकपाल विधेयक के साथ मजबूत न्यायिक जवाबदेही विधेयक लेकर आए।
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