नई दिल्ली:
लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए बनी समिति में शामिल गांधीवादी अन्ना हजारे के नेतृत्व वाले सामाजिक संगठन के सदस्यों ने सरकार के प्रतिनिधियों के साथ सोमवार की बैठक को सौहार्दपूर्ण तो बताया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि दोनों पक्षों के बीच उभरे मतभेद ज्यों के त्यों बने हुए हैं। वकील प्रशांत भूषण ने बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "हमने दो नए मुद्दों पर चर्चा की। एक लोकपाल चयन समिति की नियुक्ति और दूसरा लोकपाल को हटाने से सम्बंधित था।" उन्होंने कहा, "मतभेद अभी भी बरकरार हैं। लेकिन बैठक का माहौल बहुत सौहार्दपूर्ण था।" सामाजिक संगठन के ही अन्य प्रतिनिधि अरविंद केजरीवाल ने कहा, "लोकपाल चयन समिति में गैर राजनीतिक और स्वतंत्र लोगों को शामिल करने की बात अपने मसौदे में की है जबकि सरकार के मसौदे में नियुक्ति समिति में राजनीतिक लोगों को शामिल करने का प्रस्ताव है।" केजरीवाल ने कहा, "दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर असहमति थी लेकिन सभी के बारे में विस्तार से चर्चा हुई।" इससे पहले प्रशांत भूषण ने कहा कि अगली बैठक मंगलवार को होगी। "दोनों पक्ष एक दूसरे के समक्ष अपना-अपना मसौदा रखेंगे। मंत्रिमंडल को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में दोनों पक्षों की बातें होंगी।"
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
लोकपाल बिल, बैठक, मतभेद