Dilip Kumar के निधन पर पीएम मोदी ने जताया दुख, सायरा बानो को फोन कर बंधाया ढांढस

दिलीप कुमार के पारिवारिक मित्र फैजल फारुखी ने आज एक्टर के ट्विटर से उनके निधन की जानकारी दी. उन्होंने लिखा- बहुत भारी दिल से ये कहना पड़ रहा है कि अब दिलीप साहब हमारे बीच नहीं रहे.

Dilip Kumar के निधन पर पीएम मोदी ने जताया दुख, सायरा बानो को फोन कर बंधाया ढांढस

दिलीप कुमार के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक

नई दिल्ली:

दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार नहीं रहे. लंबी बीमारी के बाद 98 साल की उम्र में आज सुबह हिंदुजा अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली. दिलीप कुमार के नाम पद्म भूषण, पद्म विभूषण, दादा साहेब फाल्के समेत कई प्रतिष्ठित सम्मान है. पूरे देश में शोक की लहर है. पीएम मोदी ने भी दिलीप कुमार के निधन पर संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो को फोन करके ढांढस बंधाया. पीएम ने ट्वीट किया कि दिलीप कुमार को सिनेमा के लीजेंड के रूप में हमेशा याद किया जाएगा. वह अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे. इसी कारण कई पीढ़ियों के दर्शक उन्हें देख मंत्रमुग्ध रहते थे. उनका जाना हमारी सांस्कृतिक दुनिया के लिए एक क्षित है. उनके परिवार, दोस्तों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति संवेदना. श्रद्धांजलि.

दिलीप कुमार के पारिवारिक मित्र फैजल फारुखी ने दी निधन की सूचना

दिलीप कुमार के पारिवारिक मित्र फैजल फारुखी ने आज एक्टर के ट्विटर से उनके निधन की जानकारी दी. उन्होंने लिखा- बहुत भारी दिल से ये कहना पड़ रहा है कि अब दिलीप साहब हमारे बीच नहीं रहे.

लोग ही नहीं पूरा बॉलीवुड था दिलीप का फैन

बता दें कि बॉलीवुड का एक ऐसा अभिनेता जिनके लोग ही फैन नहीं थे, खुद पूरा बॉलीवुड उनका फैन था. दिलीप का जन्म 11 दिसंबर 1922 में हुआ था.उन्हें हिंदी सिनेमा के पहले ख़ान के नाम से भी जाना जाता है. दिलीप कुमार ने एक्टिंग की शुरुआत 1944 में फिल्म ज्वार भाटा से की थी. हिंदी सिनेमा में मेथड एक्टिंग का श्रेय दिलीप साहब को ही दिया जाता है.


दिलीप की आखिरी फिल्म किला थी

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दिलीप कुमार के अभिनय के उनकी शख्सियत के कई किस्से हैं, जो उन्हें कई दूसरे अभिनेताओं से अलग बनाते हैं. उन्हें कई बेहतरीन अवॉर्डों से नवाज़ा गया था. उन्होंने अंदाज़, आन, दाग, देवदास, आज़ाद, मुगल ए आज़म, गंगा जमुना, राम और श्याम जैसी फिल्में कीं. 1976 में उन्होंने पांच साल का ब्रेक भी लिया था. फिर उन्होंने फिल्म क्रांति से वापसी की और उसके बाद शक्ति, मसाल, करमा, सौदागर जैसी फिल्मों में एक बार अपने अभिनय की छाप छोड़ी. उनकी आख़िरी फ़िल्म किला थी.