
मुंबई:
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन को रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई सौगातें दे गए, जिसमें मेट्रो के दो फेज, जेएनपीटी में चौथा कंटेनर टर्मिनल और सबसे अहम इंदू मिल कंपाउंड में बाबा साहेब अंबेडकर के स्मारक का भूमिपूजन। लेकिन इनमें से किसी भी कार्यक्रम में शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे मौजूद नहीं थे, जिससे दोनों दलों के बीच तनातनी साफ दिखी।
रविवार को प्रधानमंत्री ने सबसे पहले नवी मुंबई में 7900 करोड़ रुपये की लागत से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट में बनने वाला चौथे कंटेनर टर्मिनस की नींव रखी। इसके बाद इंदू मिल में भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर स्मारक का भूमिपूजन किया। आखिर में मेट्रो के फेज़-2 और फेज-5 की आधारशिला रखी। जिसमें तकरीबन 12,618 करोड़ रु खर्च होंगे।
फेज़-2 में 18.6 किलोमीटर की मेट्रो दहिसर से जेवीपीडी के बीच दौड़ेगी। इस रूट पर करीब 19 स्टेशन होंगे। जबकि फेज़-5 की 16.5 किलोमीटर लंबी इस लाइन में 15 स्टेशनों से गुजरती हुई मेट्रो अंधेरी ईस्ट से दहिसर ईस्ट के बीच दौड़ेगी।
इस मौके पर प्रधानमंत्री अपने कैबिनेट की तारीफ करना भी नहीं भूले, नितिन गडकरी, संतोष गंगवार से लेकर सुरेश प्रभू के कामकाज से नाखुशी की खबरों के बीच उनकी तारीफ करने से भी नहीं चूके।
इस पूरे आयोजन में प्रोटोकॉल के नाम पर शिवसेना कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को निमंत्रण नहीं मिला, पार्टी का कोई नुमाइंदा इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचा। वजह बताई गई मराठवाड़ा में किसानों के बीच उद्धव का पहले से तय कार्यक्रम था। बीड़ में उद्धव ठाकरे ने कहा हमें सभी कहते है कि आप सरकार में शामिल हैं फिर भी आप ऐसा कहते हैं, लेकिन हम सत्ता के लिए नहीं बल्कि किसान के लिए काम करते हैं। शिवसेना किसान के काम करेगी और किसान का दुःख हल करेगी।
उद्धव का कार्यक्रम भले ही पहले से तय हो, लेकिन मंत्रिमंडल में शामिल शिवसेना के किसी भी मंत्री के कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहने से दोनों पार्टियों के रिश्तों पर सवाल तो उठ ही रहे हैं।
रविवार को प्रधानमंत्री ने सबसे पहले नवी मुंबई में 7900 करोड़ रुपये की लागत से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट में बनने वाला चौथे कंटेनर टर्मिनस की नींव रखी। इसके बाद इंदू मिल में भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर स्मारक का भूमिपूजन किया। आखिर में मेट्रो के फेज़-2 और फेज-5 की आधारशिला रखी। जिसमें तकरीबन 12,618 करोड़ रु खर्च होंगे।
फेज़-2 में 18.6 किलोमीटर की मेट्रो दहिसर से जेवीपीडी के बीच दौड़ेगी। इस रूट पर करीब 19 स्टेशन होंगे। जबकि फेज़-5 की 16.5 किलोमीटर लंबी इस लाइन में 15 स्टेशनों से गुजरती हुई मेट्रो अंधेरी ईस्ट से दहिसर ईस्ट के बीच दौड़ेगी।
इस मौके पर प्रधानमंत्री अपने कैबिनेट की तारीफ करना भी नहीं भूले, नितिन गडकरी, संतोष गंगवार से लेकर सुरेश प्रभू के कामकाज से नाखुशी की खबरों के बीच उनकी तारीफ करने से भी नहीं चूके।
इस पूरे आयोजन में प्रोटोकॉल के नाम पर शिवसेना कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को निमंत्रण नहीं मिला, पार्टी का कोई नुमाइंदा इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचा। वजह बताई गई मराठवाड़ा में किसानों के बीच उद्धव का पहले से तय कार्यक्रम था। बीड़ में उद्धव ठाकरे ने कहा हमें सभी कहते है कि आप सरकार में शामिल हैं फिर भी आप ऐसा कहते हैं, लेकिन हम सत्ता के लिए नहीं बल्कि किसान के लिए काम करते हैं। शिवसेना किसान के काम करेगी और किसान का दुःख हल करेगी।
उद्धव का कार्यक्रम भले ही पहले से तय हो, लेकिन मंत्रिमंडल में शामिल शिवसेना के किसी भी मंत्री के कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहने से दोनों पार्टियों के रिश्तों पर सवाल तो उठ ही रहे हैं।
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