
69वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी लाल किले की प्राचीर से भाषण देते हुए
नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 69वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश के नाम अपने संबोधन में 'गरीबों की अमीरी' का खास जिक्र करते हुए कहा कि जन धन योजना के लॉन्च के समय से लेकर अब तक 17 करोड़ लोग बैंक अकाउंट खोल चुके हैं।
पिछले साल मई में पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी स्वतंत्रता दिवस की अपनी पहली स्पीच में पीएम मोदी ने जन धन योजना यानी सभी देशवासियों के लिए बैंक अकाउंट योजना का ऐलान किया था।
उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए बैंकों के दरवाजे खुले नहीं थे। वह बोले, 'हमने फैसला किया कि यह खत्म होना चाहिए। देश की वित्तीय व्यवस्था में गरीबों के समावेश के लिए उनका बैंक अकाउंट होना बेहद जरूरी है।'
अपने भाषण में उन्होंने कहा, '17 करोड़ देशवासियों को बैंक तक लाने के लिए बहुत जी-जान से जुटना पड़ता है। बैंक के कर्मचारियों, बैंकों का हृदय से अभिनंदन करता हूं, क्योंकि उन्होंने बैंक को गरीबों के सामने लाकर रख दिया।' उन्होंने कहा, 'श्रमिकों का सम्मान और गौरव हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य, स्वभाव होना चाहिए। अब काम छोड़ने पर भी असंगठित मजदूरों का पैसा उनके पास आएगा।'
पिछले साल मई में पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी स्वतंत्रता दिवस की अपनी पहली स्पीच में पीएम मोदी ने जन धन योजना यानी सभी देशवासियों के लिए बैंक अकाउंट योजना का ऐलान किया था।
उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए बैंकों के दरवाजे खुले नहीं थे। वह बोले, 'हमने फैसला किया कि यह खत्म होना चाहिए। देश की वित्तीय व्यवस्था में गरीबों के समावेश के लिए उनका बैंक अकाउंट होना बेहद जरूरी है।'
अपने भाषण में उन्होंने कहा, '17 करोड़ देशवासियों को बैंक तक लाने के लिए बहुत जी-जान से जुटना पड़ता है। बैंक के कर्मचारियों, बैंकों का हृदय से अभिनंदन करता हूं, क्योंकि उन्होंने बैंक को गरीबों के सामने लाकर रख दिया।' उन्होंने कहा, 'श्रमिकों का सम्मान और गौरव हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य, स्वभाव होना चाहिए। अब काम छोड़ने पर भी असंगठित मजदूरों का पैसा उनके पास आएगा।'
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