
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नेपाल को 10,000 करोड़ नेपाली रुपये की रियायती कर्ज सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की और पनबिजली की अपार संभावनाओं वाले चौतरफा जमीनी सीमाओं से घिरे इस देश के विकास के लिए हिट (एचआईटी) फार्मूले का प्रस्ताव किया।
नेपाल की संविधान सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा 'भारत ने नेपाल को विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,000 करोड़ नेपाली रुपये (एक अरब डॉलर) की रियायती कर्ज सुविधा देने का फैसला किया है।'
मोदी पिछले 17 साल में नेपाल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा 'यह राशि भारत द्वारा नेपाल को पहले दी गई सहायता से अलग होगी।'
नेपाल के लिए आदर्श-विकास के फार्मूले का प्रस्ताव करते हुए मोदी ने कहा 'मैं नेपाल को 'हिट' करना चाहता हूं।' इस पर सांसदों ने मेजें थपथपा कर उनका स्वागत किया।
अपनी 'हिट' रणनीति के बारे में विस्तारपूर्वक बताते हुए मोदी ने कहा कि उनके शब्दकोष के मुताबिक हिट का अर्थ है - एच : हाइवेज (राजमार्ग), आई: आईवेज (सूचनामार्ग) और टी से मतलब है ट्रांसवेज (पारगमन मार्ग)। उन्होंने कहा कि संयुक्त रूप से इन तीनों के जरिए देश के तीव्र विकास का रास्ता तैयार होगा और भारत जल्द से जल्द यह तोहफा प्रदान करना चाहता है।
इससे पहले भारत ने भारतीय आयात-निर्यात बैंक (एक्जिम बैंक) के जरिए नेपाल को 25 करोड़ डॉलर की कर्ज सुविधा प्रदान की थी। नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यहां की प्राथमिकता के अनुसार नए अनुदान का उपयोग बुनियादी ढांचे के विकास और ऊर्जा परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।
यह दूसरा मौका है, जबकि कोई विदेशी नेता नेपाली संविधान सभा को संबोधित कर रहा है। इससे पहले 1990 में तत्कालीन जर्मन चांसलर हेलमट कोल ने संविधान सभा में मुख्य भाषण दिया था।
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