
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आज कैबिनेट विस्तार में 'दागी' मंत्रियों को मंत्रिपरिषद में शामिल करने के कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'इनमें से हर व्यक्ति की विश्वसनीयता तथा उनसे जुड़े तथ्यों की जांच करने' के बाद अपनी टीम चुनी है।
कांग्रेस के आरोपों को 'बेबुनियाद' बताते हुए जेटली ने पलटवार किया और कहा कि यूपीए के उलट, एनडीए सरकार में अपने मंत्री चुनने को लेकर 'अंतिम फैसला' प्रधानमंत्री का होता है।
रामशंकर कठेरिया के खिलाफ 27 आपराधिक मामले दर्ज होने सहित अन्य सहयोगी मंत्रियों पर लगे आरोपों से इंकार करते हुए जेटली ने कहा, 'राज्य में भाजपा के हर कार्यकर्ता के खिलाफ अखिलेश यादव सरकार ने आपराधिक मामला दर्ज कराया है।' उन्होंने सरकार में तेदेपा कोटे से बने मंत्री वाईएस चौधरी और भाजपा के नए मंत्री गिरिराज सिंह पर लगे आरोप भी खारिज किए।
जेटली ने कहा, 'उन्होंने जो उदाहरण दिए हैं वे पूरी तरह से आधारहीन हैं.. ये मामले राजनीतिक प्रदर्शन के कारण सामने आ रहे हैं।' जेटली ने कहा, 'उन्होंने कहा कि तेदेपा प्रतिनिधि चौधरी के पास अपनी कंपनी की गैरनिष्पादित संपत्ति है। वह जाने माने उद्योगपति हैं और उनकी कई में से एक कंपनी को नुकसान हो रहा था। एक खाता मुश्किल में था। बैंक ने इसे पुनर्गठित किया, वह सभी किस्त वापस दे रहे हैं और आज उनका नियमित खाता है।'
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