
फाइल फोटो
चेन्नई:
मद्रास उच्च न्यायालय ने गुरुवार को उस जनहित याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 15 दिसंबर को निर्धारित की जिसमें नोटबंदी पर केंद्र सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना को अवैध घोषित करने की मांग की गई है.
जब बैरिस्टर ऐट लॉ सुचित्रा विजयन द्वारा दायर जनहित याचिका मुख्य न्यायाधीश संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ के समक्ष आई तो केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि अधिसूचना को चुनौती देने वाली एक अन्य याचिका अदालत की मदुरै पीठ की दो सदस्यीय पीठ पहले ही खारिज कर चुकी है.
याचिकाकर्ता ने तब यह दलील रखने की मांग की कि मामले में व्यापक मुद्दों पर दलीलें सही तरीके से नहीं रखी गईं और वह कुछ अतिरिक्त मुद्दों को उठाना चाहती हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जब बैरिस्टर ऐट लॉ सुचित्रा विजयन द्वारा दायर जनहित याचिका मुख्य न्यायाधीश संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ के समक्ष आई तो केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि अधिसूचना को चुनौती देने वाली एक अन्य याचिका अदालत की मदुरै पीठ की दो सदस्यीय पीठ पहले ही खारिज कर चुकी है.
याचिकाकर्ता ने तब यह दलील रखने की मांग की कि मामले में व्यापक मुद्दों पर दलीलें सही तरीके से नहीं रखी गईं और वह कुछ अतिरिक्त मुद्दों को उठाना चाहती हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
नोटबंदी, करेंसी बैन, 500-1000 के नोट, मद्रास हाई कोर्ट, Demonetisation, Currency Ban, 500-1000 Notes, Madras High Court