विपक्षी दलों ने पीएम मोदी और अमित शाह के इस्तीफे की मांग की.
नई दिल्ली:
- विपक्षी दलों के सांसदों ने दोनों सदनों में नोटिस देकर मांग की है कि चार दिनों तक चली दिल्ली में हिंसा पर चर्चा की जाए. इस हिंसा में 46 लोगों की मौत हुई है.
- राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दिल्ली हिंसा से सहमी हुई थी, तब केंद्र सरकार सो रही थी. कांग्रेस ने मांग की है कि पीएम मोदी संसद में इसपर बयान दें और कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए.
- राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि यह मुद्दा वाकई गंभीर है और चर्चा के योग्य है. वह इसपर चर्चा के लिए वक्त देंगे. उन्होंने कहा, 'स्थिति सामान्य हो ये हमारी प्राथमिकता है. हमें देखना चाहिए कि सामान्य स्थिति बहाल हो गई है और फिर हम इसे रोकने के तरीकों और साधनों पर चर्चा कर सकते हैं.'
- सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि अमित शाह संसद में आज दिल्ली हिंसा व मौजूदा हालातों पर कोई बयान नहीं देंगे. वह बयान तभी देंगे जब सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से चलेगी.
- कांग्रेस, TMC और AAP सांसदों ने संसद स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास अलग से धरना प्रदर्शन किया. वह दिल्ली हिंसा पर केंद्र सरकार से जवाब की मांग कर रहे थे.
- TMC सांसद महुआ मित्रा और सुखेंदु शेखर राय ने अपनी आंखों काली पट्टी और होंठों पर उंगली रख संसद परिसर में प्रदर्शन किया.
- लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, शशि थरूर समेत कई पार्टी सांसद भी धरना स्थल पर पहुंचे और हाथों में अमित शाह के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर लिए दिखे.
- आम आदमी पार्टी के चार सांसदों- संजय सिंह, भगवंत मान, एनडी गुप्ता और सुशील गुप्ता ने बीजेपी मुर्दाबाद के नारे लगाए.
- बताते चलें कि बजट सत्र का दूसरा चरण, जो पहले चरण के तीन हफ्ते बाद शुरू हुआ है, 3 अप्रैल को खत्म होगा.
- बजट सत्र के दूसरे चरण की अवधि में यानी अगले चार हफ्तों में उम्मीद है कि सरकार कई महत्वपूर्ण बिल सदन में पेश कर सकती है. इसमें एक बिल सरोगेसी पर भी है.
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