नई दिल्ली:
पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री मेडलीन अलब्राइट ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान ‘अंतरराष्ट्रीय सिरदर्द’ बना हुआ जहां उग्रवाद, गरीबी और कमजोर सरकार जैसी समस्याएं देश को घेरे हुई हैं और अमेरिका इसे सुलझाने को लेकर कठिनाई महसूस करता है।
अलब्राइट ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते संबंधों की भी सराहना करते हुए इस दिशा में कदम उठाने का श्रेय पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और जार्ज बुश के शासन को दिया।
‘2012: राजनीतिक बदलाव का एक साल’ विषय पर यहां व्याख्यान देते हुए अलब्राइट ने 21वीं सदी में दुनिया के सामने खड़ी कुछ समस्याओं में जातीय संघषर्, भारत.पाक के मुद्दे और दक्षिण चीन सागर में संघर्ष को गिनाया।
उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सिरदर्द बना हुआ है। यहां गरीबी है, उग्रवाद है, परमाणु अप्रसार के मुद्दे हैं और कमजोर सरकार है। उसे सीखना होगा कि उग्रवाद तथा परमाणु अप्रसार के मुद्दे से कैसे निपटा जाता है।’’ बिल क्लिंटन के शासन काल में सेवाएं दे चुकी अलब्राइट ने हल्केफुल्के अंदाज में कहा कि भारत ‘सिरदर्द’ का हल निकाल सकता है जिसने अपने रिश्तों को खासकर व्यापार से जुड़े क्षेत्रों में सुधारा है।
अलब्राइट ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते संबंधों की भी सराहना करते हुए इस दिशा में कदम उठाने का श्रेय पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और जार्ज बुश के शासन को दिया।
‘2012: राजनीतिक बदलाव का एक साल’ विषय पर यहां व्याख्यान देते हुए अलब्राइट ने 21वीं सदी में दुनिया के सामने खड़ी कुछ समस्याओं में जातीय संघषर्, भारत.पाक के मुद्दे और दक्षिण चीन सागर में संघर्ष को गिनाया।
उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सिरदर्द बना हुआ है। यहां गरीबी है, उग्रवाद है, परमाणु अप्रसार के मुद्दे हैं और कमजोर सरकार है। उसे सीखना होगा कि उग्रवाद तथा परमाणु अप्रसार के मुद्दे से कैसे निपटा जाता है।’’ बिल क्लिंटन के शासन काल में सेवाएं दे चुकी अलब्राइट ने हल्केफुल्के अंदाज में कहा कि भारत ‘सिरदर्द’ का हल निकाल सकता है जिसने अपने रिश्तों को खासकर व्यापार से जुड़े क्षेत्रों में सुधारा है।
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