जम्मू:
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य में हत्याओं की निंदा करने को लेकर 'चयनात्मक' रवैया अपनाने वालों को बुधवार को आड़े हाथों लिया।
उमर ने, उत्तरी कश्मीर के सोपोर में 18 साल के युवक सुहैल अहमद सोफी की मंगलवार रात आतंकवादियों द्वारा दौड़ाकर एक मस्जिद में गोली मारकर हत्या किए जाने पर राजनीतिक खेमे में चुप्पी को लेकर बुधवार को विधानसभा में हैरानी जताई।
उन्होंने कहा कि हत्या की राजनीतिक निंदा करने में भी दोहरे मापदंड अपनाए जाते हैं। उमर ने कहा, "आज मुझे कोई इस हत्या की निंदा करते हुए नहीं नजर आया। न ही मुझे वैसा गुस्सा नजर आया, जैसा सुरक्षा बलों की गोली से किसी के मारे जाने पर होता है।"
इससे पहले उमर ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादियों ने 18 साल के एक युवक को दौड़ाकर मजिस्द में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। सोचिए, यदि ऐसा ही सुरक्षा बलों ने किया होता तो कितना गुस्सा होता.. पाखंड।"
फिलहाल किसी आतंकवादी गिरोह ने हत्या की जिम्मेदारी नहीं ली है।
उमर ने, उत्तरी कश्मीर के सोपोर में 18 साल के युवक सुहैल अहमद सोफी की मंगलवार रात आतंकवादियों द्वारा दौड़ाकर एक मस्जिद में गोली मारकर हत्या किए जाने पर राजनीतिक खेमे में चुप्पी को लेकर बुधवार को विधानसभा में हैरानी जताई।
उन्होंने कहा कि हत्या की राजनीतिक निंदा करने में भी दोहरे मापदंड अपनाए जाते हैं। उमर ने कहा, "आज मुझे कोई इस हत्या की निंदा करते हुए नहीं नजर आया। न ही मुझे वैसा गुस्सा नजर आया, जैसा सुरक्षा बलों की गोली से किसी के मारे जाने पर होता है।"
इससे पहले उमर ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादियों ने 18 साल के एक युवक को दौड़ाकर मजिस्द में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। सोचिए, यदि ऐसा ही सुरक्षा बलों ने किया होता तो कितना गुस्सा होता.. पाखंड।"
फिलहाल किसी आतंकवादी गिरोह ने हत्या की जिम्मेदारी नहीं ली है।
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