
पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सदस्य के तौर पर येचुरी का कार्यकाल अगले महीने खत्म हो रहा है (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
माकपा की केंद्रीय समिति ने मंगलवार को फैसला किया कि पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी को राज्यसभा के लिए नामांकित नहीं किया जाएगा. केंद्रीय समिति इस मुद्दे पर विभाजित थी, हालांकि हाथ उठाकर मतदान के जरिए यह फैसला किया गया. मतदान से पहले मामले पर करीब चार घंटे तक चर्चा हुई.
पार्टी के एक नेता ने बताया, 'पार्टी की इस व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए फैसला किया गया कि माकपा के किसी नेता को दो बार से ज्यादा ऊपरी सदन में नहीं भेजा जा सकता. इसके साथ ही पार्टी की केरल इकाई येचुरी के पुनर्निर्वाचन के लिए कांग्रेस की मदद लेने के पक्ष में नहीं थी.'
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केंद्रीय समिति के अधिकतर सदस्यों ने येचुरी को राज्यसभा के लिए नामांकित करने के प्रस्ताव का विरोध किया. विरोध करने वालों में दक्षिण भारत के राज्यों के सदस्य शामिल थे.
पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा की इकाइयों के लोगों ने प्रस्ताव का समर्थन किया. माकपा की व्यवस्था के अनुसार कोई भी नेता दो बार से ज्यादा उच्च सदन का सदस्य नहीं हो सकता. येचुरी पहले ही कह चुके थे कि पार्टी का महासचिव होने के नाते वह पार्टी की व्यवस्था पर कायम रहेंगे.
VIDEO : येचुरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा
पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सदस्य के तौर पर येचुरी का कार्यकाल अगले महीने खत्म हो रहा है. इस सीट पर चुनाव आगामी 8 अगस्त को है और नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि 28 जुलाई है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पार्टी के एक नेता ने बताया, 'पार्टी की इस व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए फैसला किया गया कि माकपा के किसी नेता को दो बार से ज्यादा ऊपरी सदन में नहीं भेजा जा सकता. इसके साथ ही पार्टी की केरल इकाई येचुरी के पुनर्निर्वाचन के लिए कांग्रेस की मदद लेने के पक्ष में नहीं थी.'
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पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सदस्य के तौर पर येचुरी का कार्यकाल अगले महीने खत्म हो रहा है. इस सीट पर चुनाव आगामी 8 अगस्त को है और नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि 28 जुलाई है.
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